
’10 दिन में कुछ नहीं बदल जाएगा’: CEC के फैसलों पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, ECI से माँगा जवाब
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार द्वारा अन्य दोनों चुनाव आयुक्तों (EC) को नजरअंदाज कर एकतरफा फैसले (SIR पर) लेने के आरोपों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई शुरू कर दी है। शीर्ष अदालत ने मामले में चुनाव आयोग (ECI), मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त को निलंबित करने और चुनाव आयोग के फैसलों पर तत्काल अंतरिम रोक लगाने की मांग से साफ इनकार कर दिया।
CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही सुनवाई
मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाला बागची और जस्टिस वी मोहना की तीन सदस्यीय पीठ कर रही है। यह सुनवाई शैलेंद्र मणि त्रिपाठी, राकेश कुमार सिंह और सुधाकर सिंह द्वारा दायर तीन अलग-अलग याचिकाओं पर हो रही है।
सुनवाई के मुख्य बिंदु और कोर्ट की टिप्पणियां:
अदालत का फैसला खारिज करने का अधिकार: सुनवाई के दौरान जब वकीलों ने जल्द राहत की मांग की, तो पीठ ने कहा:
“10 दिनों में ऐसा कुछ नहीं बदल जाएगा। अगर चुनाव आयोग की ओर से कुछ गलत हुआ है, तो हमारे पास उसे बाद में भी रद्द करने का हमेशा अधिकार है।”
न्यूज रिपोर्ट के आधार पर आदेश नहीं: याचिका में मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला दिए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल न्यूज रिपोर्ट के आधार पर कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया जा सकता, क्योंकि खबरें आंशिक रूप से सही, 100% सही या पूरी तरह गलत भी हो सकती हैं।
याचिकाकर्ताओं की दलील: याचिकाकर्ताओं की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने दलील दी कि चुनाव आयोग कानून के तहत कोई भी निर्णय एकल आधार पर नहीं ले सकता। मूल अधिनियम के अनुसार आयोग के सभी फैसले या तो सर्वसम्मति से होने चाहिए या फिर बहुमत से लिए जाने चाहिए। उन्होंने CEC द्वारा अन्य आयुक्तों को दरकिनार कर फैसले लेने को गैर-कानूनी बताया।
रिकॉर्ड सुरक्षित रखने पर रुख: वकील विकास सिंह ने अदालत से चुनाव आयोग के संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश देने का अनुरोध किया, जिस पर कोर्ट ने फिलहाल कोई आदेश जारी नहीं किया।
आगे क्या?
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और संबंधित पक्षों को जवाब दाखिल करने का समय दिया है। इस संवेदनशील मामले पर अब अगले हफ्ते दोबारा सुनवाई होगी







