Nizamuddin Markaj case: नकवी भड़के, कहा- तब्लीगी जमात के तालिबानी अपराध को माफी नहीं

दिल्ली।Nizamuddin Markaj case, दक्षिण दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन से तब्लीगी मरकज में आए 24 के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद सरकार अलर्ट पर है। इस मामले के सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने तब्लीगी जमात के इस कृत्य को तालिबानी अपराध बताया है।केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मरकज मामले पर बोलते हुए कहा कि तब्लीगी जमात द्वारा किया गया काम तालिबानी अपराध है और इस तरह के आपराधिक कृत्य को माफ नहीं किया जा सकता है।

उन्होंने आगे बोलते हुए कहा कि उन्होंने कई लोगों की जान खतरे में डाल दी है। साथ ही कहा कि ऐसे लोगों और संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, जो सरकार के निर्देशों का पालन नहीं करते।

लॉकडाउन के बाद भी जुटे लोग

तब्लीगी मरकज में पूरे साल लोग आते रहते हैं। 12 से 15 मार्च के बीच यहां हुए कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सैकड़ों लोग देश के विभिन्न राज्यों में गए। इसके बाद भी आने वालों का क्रम जारी रहा। इसी बीच 22 मार्च को हुए लॉकडाउन के बाद भी यहां सैकड़ों लोग जुटे हुए थे। इनमें सैकड़ों विदेशी भी थे। रविवार व सोमवार को यहां रुके 24 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। जमात में शामिल तेलंगाना निवासी 6 लोगों की सोमवार को कोरोना से मौत भी हो गई थी।

यह है तब्लीगी जमात

तब्लीगी जमात सुन्नी मुसलमानों का एक ऐसा संगठन है जो चाहता है कि दुनिया भर के मुसलमान वैसे ही रहें जैसे कि वे पैगंबर साहेब के समय में रहते थे। यानी उनका खानपान, वेशभूषा और रीति-रिवाज सब कुछ उसी समय का हो। माना जाता है कि इस जमात के दुनिया भर में 20 करोड़ सदस्य हैं।

1927 में स्थापित इस संगठन का मजबूत गढ़ दक्षिण एशिया है, लेकिन करीब सौ से ज्यादा देशों में इसकी पहुंच बताई जाती है। इसकी स्थापना भारत के मेवात में मुहम्मद इल्यास अल कंधालवी ने की थी। तब्लीगी जमात के छह सिद्धांत हैं। कलमा, सलाह, इल्म ओ जिक्र, इकराम ओ मुस्लिम, इखलास ए नीयत और दावत ओ तब्लीगी। इसका मुख्यालय निजामुद्दीन क्षेत्र में है। इससे देश-विदेश के लोग जुड़े हैं। जमात के मुताबिक वह किसी सियासी विचारधारा का समर्थन नहीं करती क्योंकि उसका उद्देश्य धार्मिक है। यानी कुरान व हदीस की शिक्षाओं का प्रचार प्रसार।

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