जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर प्रवास पर आए राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने शुक्रवार को प्रशासनिक अमले की क्लास लगा दी। नगर निगम, स्वास्थ्य, शिक्षा और पुलिस सहित 12 विभागों की मैराथन समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने जमीनी वास्तविकताओं और लंबित मानवाधिकार मामलों की विभागवार समीक्षा की।
इस बैठक में सबसे बड़ा विवाद नगर निगम के आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों के वेतन को लेकर हुआ, जहां ठेकेदार को बचाने की कोशिश कर रहे नगर निगम के अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान को आयोग के सदस्य के तीखे तेवरों और कड़ी फटकार का सामना करना पड़ा।
गौरीघाट में खुला खेल: 12 हजार की जगह मिल रहे महज 7-8 हजार रुपये
प्रियंक कानूनगो ने बैठक में स्वयं के निरीक्षण का हवाला देते हुए नगर निगम की पोल खोली
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औचक निरीक्षण: आयोग के सदस्य ने बताया कि वे गुरुवार को गौरीघाट क्षेत्र का जमीनी निरीक्षण करने पहुंचे थे। वहां उन्हें चार आउटसोर्स श्रमिक सफाई कार्य करते हुए मिले।
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वेतन में धांधली: जब उन्होंने उन श्रमिकों से उनके पारिश्रमिक की जानकारी ली, तो पता चला कि ठेकेदार द्वारा उन्हें हर महीने महज 7 से 8 हजार रुपये का भुगतान किया जा रहा है, जबकि नियमानुसार उन्हें न्यूनतम 12 हजार रुपये प्रति माह मिलना चाहिए।
“ठेकेदार को बचाया तो दिल्ली आकर देना होगा जवाब”
इस गंभीर मुद्दे पर जब नगर निगम के अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान से सवाल-जवाब किया गया, तो उन्होंने ठेकेदार का बचाव करते हुए तर्क दिया कि “हो सकता है ठेकेदार ने श्रमिकों को 4 हजार रुपये एडवांस पेमेंट कर दिया हो।”
अपर आयुक्त के इस गैर-जिम्मेदाराना जवाब पर प्रियंक कानूनगो ने कड़ा ऐतराज जताते हुए सख्त लहजे में कहा:
“इस तरह का जवाब सीधे तौर पर दोषी ठेकेदार को बचाने वाला है। यदि नगर निगम ने ठेकेदार की निष्पक्ष जांच कराने के बजाय इस तरह उसकी तरफदारी की, तो फिर दिल्ली (आयोग मुख्यालय) आकर जवाब देना पड़ सकता है। ठेकेदार को बचाने की बजाय अपनी व्यवस्था सुधारिए और गरीब श्रमिकों को उनका हक दिलाइए।”
उन्होंने स्पष्ट हिदायत दी कि इस शोषण के खिलाफ विभागीय स्तर पर कड़ी कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाए।
बैठक से गायब रहने वाले प्रदूषण बोर्ड पर अवमानना की कार्रवाई के निर्देश
मानव अधिकार आयोग की इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक को हल्के में लेने वाले अधिकारियों पर भी गाज गिरी है। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) सहित जिन अन्य प्रमुख विभागों के अधिकारी इस बैठक में अनुपस्थित रहे, उनके खिलाफ प्रियंक कानूनगो ने अवमानना (Contempt) की कार्रवाई करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) घनश्याम सोनी सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
जबलपुर NHRC समीक्षा बैठक: मुख्य बिंदु
| विभाग / अधिकारी | घटनाक्रम और आयोग का एक्शन |
| प्रियंक कानूनगो (सदस्य, NHRC) | जबलपुर में 12 प्रमुख विभागों की समीक्षा बैठक ली, जमीनी हकीकत परखी। |
| जबलपुर नगर निगम | गौरीघाट में सफाई कर्मियों को ₹12,000 की जगह ₹7,000-₹8,000 वेतन देने पर फंसे। |
| देवेंद्र सिंह चौहान (अपर आयुक्त) | ठेकेदार का पक्ष लेने पर दिल्ली तलब करने (कड़ी हिदायत) की चेतावनी मिली। |
| मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड | बैठक से गैरहाजिर रहने के कारण अवमानना की कार्रवाई के दायरे में आए। |
