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भारतीय रेलवे में नए आय स्रोत: कोच और मालगाड़ियों में विज्ञापन से बढ़ेगी आमदनी

भारतीय रेलवे में नए आय स्रोत: कोच और मालगाड़ियों में विज्ञापन से बढ़ेगी आमदनी

भारतीय रेलवे में नए आय स्रोत: कोच और मालगाड़ियों में विज्ञापन से बढ़ेगी आमदनी। आने वाले समय में भारतीय रेलवे के कोच और मालगाड़ियों के वैगनों पर विज्ञापन नजर आने लगेगा। राजधानी, शताब्दी और प्रीमियम ट्रेनों के साथ-साथ माल ढुलाई करने वाली गाड़ियों पर भी कंपनियां अपने विज्ञापन दे सकेंगी।

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आंध्र प्रदेश से भाजपा सांसद सीएम रमेश की अध्यक्षता वाली रेलवे की संसदीय स्थायी समिति ने सुझाव दिया है कि रेलवे मंत्रालय केवल किराए पर निर्भर न रहे, बल्कि आय बढ़ाने के अन्य उपायों पर भी ध्यान दे। समिति ने यह भी कहा कि रेलवे को हर साल माल ढुलाई दरों की समीक्षा करनी चाहिए और किराए को सरल तथा प्रतिस्पर्धी बनाना चाहिए, ताकि सड़क और अन्य परिवहन साधनों के मुकाबले रेलवे की प्रतिस्पर्धा बनी रहे।

समिति ने रिपोर्ट में बताया कि माल ढुलाई दरों में अंतिम बार बदलाव साल 2018 में हुआ था। मंत्रालय के अनुसार, दरों में बदलाव नहीं करने का उद्देश्य माल ढुलाई को बढ़ावा देना, वित्तीय दबाव को संभालना और मौजूदा आर्थिक हालात के अनुसार संतुलन बनाए रखना है।

रेल मंत्रालय को समिति ने सुझाव दिया है कि वह माल के प्रकार, बाजार की मांग और संचालन लागत के अनुसार हर साल माल ढुलाई दरों की समीक्षा करे। इसके साथ ही ट्रेन और मालगाड़ी के वैगनों पर विज्ञापन को आय बढ़ाने का आसान और प्रभावी तरीका बताया गया है।

मंत्रालय 2031 तक 30 करोड़ टन माल ढुलाई का लक्ष्य लेकर कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम कर रहा है। समिति का मानना है कि नियमित समीक्षा और विज्ञापन से रेलवे की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और उसकी प्रतिस्पर्धा सड़क परिवहन के मुकाबले बढ़ेगी। भारतीय रेलवे में नए आय स्रोत: कोच और मालगाड़ियों में विज्ञापन से बढ़ेगी आमदनी

 

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