प्रेमानंद महाराज के केली कुंज आश्रम में वेशभूषा के नए नियम वायरल, शिष्य दीपक लोधी की मौत के बाद चर्चा तेज

प्रेमानंद महाराज के केली कुंज आश्रम में वेशभूषा के नए नियम वायरल, शिष्य दीपक लोधी की मौत के बाद चर्चा तेज
वृंदावन: प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण (उर्फ दीपक लोधी) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के बाद केली कुंज आश्रम की व्यवस्थाओं और नियमों को लेकर बड़ी खबरें सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ साधकों के वीडियो में दावा किया जा रहा है कि आश्रम में सेवा देने वाले शिष्यों और साधकों की वेशभूषा व परिधान को लेकर नए निर्देश लागू किए गए हैं।
क्या हैं वायरल वीडियो में किए जा रहे दावे?
सोशल मीडिया पर वायरल जानकारियों के अनुसार, आश्रम में शिष्यों के लिए निम्नलिखित वेशभूषा नियम लागू किए गए हैं:
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गृहस्थ व कामकाजी शिष्यों पर रोक: जो लोग गृहस्थ जीवन जी रहे हैं या किसी प्रकार के व्यवसाय, दुकान, ठेले या नौकरी से जुड़े हैं, वे अब आश्रम में सफेद या पीला ‘अचला’ (पारंपरिक साधु वस्त्र) नहीं पहन सकेंगे।
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सामान्य कपड़ों का निर्देश: गृहस्थ और बाहरी काम करने वाले शिष्यों को सामान्य पोशाक अथवा कुर्ता-पायजामा पहनने को कहा गया है।
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केवल विरक्त साधकों को अनुमति: सफेद वस्त्र या पारंपरिक साधु वेशभूषा पहनने की अनुमति केवल उन विरक्त शिष्यों को होगी जो पूर्ण रूप से केली कुंज आश्रम की प्रत्यक्ष सेवा और व्यवस्था में समर्पित हैं।
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दीक्षा नियमों में कड़ाई: यह भी दावा किया जा रहा है कि आने वाले समय में नए शिष्यों को मंत्र दीक्षा देने और नए साधक जोड़ने के नियमों में भी कड़े प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं।
आश्रम की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं
हालाँकि, इन वायरल दावों और वेशभूषा बदलावों को लेकर श्री हित राधा केली कुंज आश्रम, संबंधित ट्रस्ट अथवा किसी अधिकृत व्यक्ति की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि जारी नहीं की गई है।
इसलिए, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ये नियम अधिकारिक तौर पर लागू हो चुके हैं या केवल विचार-विमर्श का हिस्सा हैं। फिलहाल, शिष्य दीपक लोधी की मृत्यु के बाद आश्रम व्यवस्थाओं में बदलाव की इन खबरों ने श्रद्धालुओं और अनुयायियों के बीच काफी चर्चाएं छेड़ दी हैं।







