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जीवित्पुत्रिका जितिया व्रत 2026: नहाय-खाय, निर्जला उपवास और पारण की सही तिथियां व शुभ मुहूर्त

जीवित्पुत्रिका जितिया व्रत 2026: नहाय-खाय, निर्जला उपवास और पारण की सही तिथियां व शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली: संतान की लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए रखा जाने वाला जीवित्पुत्रिका (जितिया) व्रत इस साल 3 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को रखा जाएगा। तीन दिनों तक चलने वाला यह कठिन व्रत महिलाओं की कठोर तपस्या और मातृत्व प्रेम का प्रतीक है। इसमें माताएं अपनी संतान के लिए 24 घंटे से भी अधिक समय तक अन्न-जल का त्याग कर निर्जला उपवास रखती हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से राजा जीमूतवाहन, चील और सियारिन की पूजा करने व कथा सुनने से संतान दीर्घायु, निरोगी और तेजस्वी होती है।

जितिया पर्व 2026 की मुख्य तिथियां

जितिया का पर्व कुल तीन दिनों तक चलता है, जिसकी शुरुआत नहाय-खाय से होकर पारण के साथ समाप्ति होती है:

  • पहला दिन (नहाय-खाय): 2 अक्टूबर 2026, शुक्रवार

  • दूसरा दिन (निर्जला व्रत): 3 अक्टूबर 2026, शनिवार

  • तीसरा दिन (व्रत का पारण): 4 अक्टूबर 2026, रविवार

नहाय-खाय और ‘ओठगन’ का नियम

  • नहाय-खाय (2 अक्टूबर): इस दिन व्रती महिलाएं सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान के बाद पूजा-पाठ करती हैं और सात्विक भोजन ग्रहण करती हैं। इस दिन झिंगनी (तोरी), नोनी का साग और मडुआ की रोटी खाने की विशेष परंपरा है।

  • ओठगन (3 अक्टूबर तड़के): नहाय-खाय की रात यानी 3 अक्टूबर के ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से पूर्व) में माताएं ‘ओठगन’ (व्रत से पहले का अंतिम सरगी/भोजन) करती हैं। इसके बाद से ही जितिया का अखंड निर्जला उपवास शुरू हो जाता है।

अष्टमी तिथि और व्रत की तारीख

पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का विवरण इस प्रकार है:

  • अष्टमी तिथि प्रारंभ: 3 अक्टूबर 2026 को सुबह 7:59 बजे से

  • अष्टमी तिथि समाप्त: 4 अक्टूबर 2026 को सुबह 5:51 बजे तक

  • उदयातिथि के अनुसार व्रत की तिथि: 3 अक्टूबर 2026, शनिवार

जितिया व्रत 2026 के शुभ मुहूर्त (3 अक्टूबर 2026)

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:53 बजे से 05:41 बजे तक

  • प्रातः संध्या मुहूर्त: सुबह 05:17 बजे से 06:29 बजे तक

  • अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:04 बजे से 12:51 बजे तक

जितिया व्रत पारण का समय (4 अक्टूबर 2026)

जितिया व्रत के पूर्ण फल की प्राप्ति के लिए इसका पारण शुभ मुहूर्त में करना अनिवार्य माना गया है।

  • पारण की तिथि: 4 अक्टूबर 2026, रविवार

  • पारण का शुभ समय: सूर्योदय के बाद सुबह 06:15 बजे के बाद व्रती महिलाएं विधिपूर्वक पूजा अर्चना कर अपना व्रत खोल सकती हैं।

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