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“ऐसे वापस मत जाना…”: अफगान पत्रकार ने तालिबान पर घेरा तो भड़के पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ, किया विवादित इशारा

UNGA में शर्मसार हुआ पाकिस्तान: महिला पत्रकार के मानवाधिकार सवाल पर ख्वाजा आसिफ की शर्मनाक हरकत, सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा

“ऐसे वापस मत जाना…”: अफगान पत्रकार ने तालिबान पर घेरा तो भड़के पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ, किया विवादित इशारा

न्यूयोर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में जब एक अफगान महिला पत्रकार ने तालिबान शासन और अफगान महिलाओं के अधिकारों पर पाकिस्तान के रुख को लेकर तीखे सवाल पूछे, तो रक्षा मंत्री ने मर्यादा लांघते हुए विवादित टिप्पणी और आपत्तिजनक इशारा कर दिया।

महिला पत्रकार ने पूछे थे ये कड़े सवाल

न्यूयोर्क में बातचीत के दौरान अफगान महिला पत्रकार ने पाकिस्तानी रक्षा मंत्री से सीधे सवाल किए:

  • तालिबान पर दबाव: क्या पाकिस्तान अफगान महिलाओं के मानवाधिकारों और उनकी आजादी को लेकर तालिबान पर अपनी नीतियां बदलने का दबाव बनाएगा?

  • पुरानी नीतियों पर घेरा: पत्रकार ने यह सवाल भी दागा कि जब पाकिस्तान तालिबान को अपना करीबी दोस्त मानता था, तब उसने महिलाओं पर थोपी गई पाबंदियों और दमनकारी नीतियों का कड़ा विरोध क्यों नहीं किया?

सवाल के जवाब में ‘गला काटने’ जैसा आपत्तिजनक इशारा

पत्रकार के सवाल खत्म होने से पहले ही ख्वाजा आसिफ ने उन्हें बीच में ही टोक दिया। इसके बाद उन्होंने पत्रकार के पश्चिमी परिधान/कपड़ों की ओर इशारा करते हुए कहा कि “इस तरह वापस मत जाना।”

इतना ही नहीं, ख्वाजा आसिफ ने अपना हाथ गले के पास ले जाकर ‘गला काटने’ जैसा एक भयावह इशारा किया— जिसका स्पष्ट संकेत था कि अगर वह इस तरह अफगानिस्तान लौटीं, तो उनकी हत्या की जा सकती है या उन्हें मार दिया जाएगा। इस बेहद गंभीर और संवेदनशील स्थिति में उनके आसपास मौजूद पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के कुछ लोग हंसते हुए भी दिखाई दिए।

सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश

वीडियो के सार्वजनिक होते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और सोशल मीडिया पर पाकिस्तान सरकार व ख्वाजा आसिफ की तीखी आलोचना हो रही है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों का कहना है कि एक महिला पत्रकार के गंभीर सवाल का उत्तर देने के बजाय उन्हें जान से मारने की धमकी जैसा इशारा करना पाकिस्तान के महिला विरोधी रवैये और गैर-जिम्मेदाराना कूटनीति को दर्शाता है।

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