NEET UG 2026: सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, लातूर के नामी RCC कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगांवकर गिरफ्तार; मोबाइल में मिला लीक पेपर
लातूर / नई दिल्ली: NEET UG 2026: सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, लातूर के नामी RCC कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगांवकर गिरफ्तार; मोबाइल में मिला लीक पेपर।मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट यूजी 2026’ (NEET UG 2026) पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। सीबीआई ने महाराष्ट्र के लातूर शहर में छापेमारी कर एक बड़े कोचिंग संस्थान के संचालक को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर के रूप में हुई है, जो लातूर और महाराष्ट्र में बेहद चर्चित “रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC)” नाम से कोचिंग संस्थान चलाता है।
सीबीआई की इस कार्रवाई से देश के कोचिंग हब और मेडिकल की तैयारी कर रहे छात्रों के बीच हड़कंप मच गया है।
रविवार को छापेमारी में मोबाइल से मिला लीक पेपर
जानकारी के अनुसार, सीबीआई की टीम ने रविवार को आरोपी शिवराज मोटेगांवकर के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी और तलाशी ली थी। इस दौरान जब एजेंसी ने मोटेगांवकर के मोबाइल फोन को खंगाला, तो उसमें कथित तौर पर नीट यूजी परीक्षा का लीक प्रश्नपत्र और उसके उत्तर बरामद हुए। पुख्ता सबूत मिलने के बाद सीबीआई ने तुरंत उसे हिरासत में ले लिया और बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
परीक्षा से बहुत पहले 23 अप्रैल को ही आ गया था पेपर
जांच एजेंसी द्वारा किए गए खुलासे बेहद चौंकाने वाले हैं। सीबीआई के अनुसार, आरोपी शिवराज मोटेगांवकर उस संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का एक सक्रिय और मुख्य सदस्य था, जो नीट यूजी 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने और उसे देश भर में फैलाने में शामिल था।
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि आरोपी ने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा से काफी पहले यानी 23 अप्रैल 2026 को ही पूरा प्रश्नपत्र और उसके उत्तर (आंसर की) हासिल कर लिए थे। इसके बाद इस लीक पेपर को कई छात्रों और अन्य सेंटर्स तक पहुंचाया गया था।
मामले में अब तक 10 गिरफ्तारियां, कई और रडार पर
नीट पेपर लीक मामले की परतें खुलने के बाद सीबीआई अब तक शिवराज मोटेगांवकर समेत कुल 10 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। मोटेगांवकर के अलावा अब तक गिरफ्तार हो चुके मुख्य चेहरों में शामिल हैं:
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मनीषा गुरुनाथ मांधरे
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प्रो. पी.वी. कुलकर्णी
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मांगीलाल बीवाल, विकास बीवाल और दिनेश बीवाल
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यश यादव और शुभम खैरनार
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मनीषा वाघमारे और धनंजय लोखंडे
आगे और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद
सीबीआई फिलहाल इस पूरे पेपर लीक नेटवर्क के तार खंगालने में जुटी हुई है। जांच एजेंसी को अंदेशा है कि इस रैकेट का जाल कई राज्यों में फैला हुआ है, जिसमें कुछ और रसूखदार कोचिंग संचालक, डॉक्टर और दलाल शामिल हो सकते हैं। सीबीआई इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि मोटेगांवकर ने लीक पेपर के बदले छात्रों से कितने करोड़ रुपये वसूले थे। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

