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NCERT, प्री स्कूलों के लिए जारी की नई गाइडलाइन: कहा-बच्चों की प्राइवेसी का न हो हनन

नई दिल्ली। देशभर के प्रीस्कूल को बच्चों की प्राइवेसी का ध्यान रखना होगा। असेसमेंट के उद्देश्य से टीचर्स क्लास में बच्चों के वीडियो और ऑडियो क्लिप बनाते हैं लेकिन उन्हें यह ध्यान रखना होगा कि इससे बच्चों की प्राइवेसी प्रभावित न हो। यह नेशनल काउंसिल फोर एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) के दिशा-निर्देशों का हिस्सा है जो कि राज्यों से परामर्श के बाद प्रीस्कूल्स के लिए जारी कि हैं।

एनसीईआरटी के संशोधित दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि बच्चों की प्रगति जानने के लिए ऑडियो और वीडियो टीचर्स की मदद करते हैं। टीचर्स उनकी प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए रिकॉडिंग्स को देख और सुन सकते हैं।

कई राज्यों ने कहा था कि कुछ प्रीस्कूल छात्रों के वीडियो और ऑडियो बनाते हैं और उन्हें माता-पिता की सहमति के बिना सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं। इसके बाद एनसीईआरटी ने छात्रों की प्राइवेसी को संशोधित दिशा-निर्देशों में शामिल किया है। ‘टेक्नोलॉजी इन प्रीस्कूल’ पर दी गई गाइडलाइन 2 से 5 वर्ष के बच्चों के लिए मीडिया के नॉन-इंटरैक्टिव और पैसिव उपयोग को प्रतिबंधित करती है, और उसे 2 से 5 वर्ष के बच्चों के लिए हतोत्साहित करती है।

टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल छोटे बच्चों के लिए उपयोगी डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि शोध में सामने आया है कि यदि यह बच्चों के सीखने और विकास को बढ़ाने के लिए काम करता है तो। पैसिव तकनीक, जो बच्चों के खेल, शारीरिक गतिविधि और सामाजिक बातचीत को रिप्लेस कर सकती है, को सभी स्तरों पर खत्म किया जाना चाहिए क्योंकि यह बच्चों के लिए प्रतिकूल हो सकता है।

एनसीईआरटी ने सुरक्षा की दृष्टि से बच्चों के ऑडियो-वीडियो क्लिप को बिना पैरेंट्स की सहमति से सोशल मीडिया पर न डालने का निर्देश दिया है।

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