जबलपुर। शहर की नगर निगम सफाई व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से नगर निगम ने एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लिया है। अब तक शहर के सभी 79 वार्डों की साफ-सफाई का जिम्मा महज चार ठेकेदारों के कंधों पर था, लेकिन अब इस नगर निगम सफाई व्यवस्था की कमान कुल 15 ठेकेदारों को सौंपी जाएगी।
शुक्रवार को महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ की अध्यक्षता में आयोजित मेयर इन काउंसिल (MIC) की महत्वपूर्ण बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। इस निर्णय से न केवल शहर की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार होगा, बल्कि नागरिकों को भी एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सकेगा।
स्थानीय के साथ मुंबई और नोएडा की राष्ट्रीय फर्मों को जिम्मेदारी
शहर की नगर निगम सफाई व्यवस्था को आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढालने के लिए आउटसोर्सिंग का दायरा बढ़ाया गया है। नई व्यवस्था के तहत:
कुल 15 ठेकेदार: सफाई का जिम्मा संभालने वाले 15 ठेकेदारों में 7 स्थानीय और 8 बाहरी ठेकेदार शामिल हैं।
राष्ट्रीय अनुभव: मुंबई और नोएडा जैसे बड़े महानगरों में कार्य कर चुकी प्रतिष्ठित फर्मों को भी जबलपुर की नगर निगम सफाई व्यवस्था को बेहतर करने का दायरा सौंपा गया है।
महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) को मजबूत करने के लिए यह प्रशासनिक बदलाव बेहद जरूरी था। वर्तमान में काम कर रही आउटसोर्स फर्मों का कार्यकाल 1 नवंबर से बढ़ाकर 30 नवंबर तक कर दिया गया है, ताकि नई व्यवस्था के सुचारू संचालन में कोई बाधा न आए।
संभाग 1 से 16 तक कचरा प्रबंधन निविदाओं को वित्तीय स्वीकृति
एमआईसी की बैठक में संभाग क्रमांक 1 से 16 तक तथा मुख्यालय स्तर पर कचरा प्रबंधन, आवश्यक सामग्री और श्रमिकों की आपूर्ति से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसके लिए आमंत्रित निविदा में 17 समूहों के आवंटन और वित्तीय स्वीकृति संबंधी प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इससे शहर के हर कोने में कचरा उठान और सफाई प्रक्रिया में तेजी आएगी।
दिव्यांगजनों के लिए खुशखबरी: 116 रिक्त पदों पर होगी विशेष भर्ती
नगर निगम ने सामाजिक सरोकार निभाते हुए दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए भी बड़ा कदम उठाया है। एमआईसी की बैठक में दिव्यांगजनों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए एक विशेष भर्ती अभियान चलाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
भर्ती का विवरण:
कुल पद: 116
संविदा पद: 106
नियमित पद: 10
महापौर ने कहा, “दिव्यांगजनों को सम्मानजनक रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना हमारी प्राथमिकता है। इस फैसले से पात्र दिव्यांगजनों को रोजगार के नए और बेहतर अवसर मिलेंगे।”
बैठक में यह वरिष्ठ अधिकारी और MIC सदस्य रहे मौजूद
मेयर इन काउंसिल (MIC) की इस महत्वपूर्ण बैठक में महापौर के साथ अनेक जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे:
एमआईसी सदस्य: डॉ. सुभाष तिवारी, विवेकराम सोनकर, दामोदर सोनी, अंशुल यादव और रजनी साहू।
प्रशासनिक अधिकारी: अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान, अशफाक परवेज कुरैशी, सहायक आयुक्त कामिनी लिल्हारे, स्वास्थ्य अधिकारी अभिनव मिश्रा, सचिव अनिल जोशी, पेंशन प्रभारी दीपक शर्मा और स्थापना विभाग के वरिष्ठ लिपिक वीरू मारवे।
💡 मुख्य निष्कर्ष (Key Highlights for Readers)
नगर निगम सफाई व्यवस्था में 4 से बढ़ाकर 15 ठेकेदारों को काम दिया गया (7 स्थानीय + 8 बाहरी)।
मुंबई और नोएडा की बड़ी कंपनियों को कचरा प्रबंधन का जिम्मा।
पुरानी आउटसोर्स कंपनियों का कार्यकाल 30 नवंबर तक बढ़ाया गया।
दिव्यांगजनों के लिए 116 पदों (10 नियमित + 106 संविदा) पर सीधी भर्ती को मंजूरी।










