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 नौसेना कमांडर्स कॉन्फ्रेंस 2026: बदलते युद्ध के दौर में ‘फ्यूचर रेडी’ बनने पर जोर

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नौसेना कमांडर्स कॉन्फ्रेंस 2026: बदलते युद्ध के दौर में ‘फ्यूचर रेडी’ बनने पर जोर। भारतीय नौसेना की अहम बैठक ‘नौसेना कमांडर्स कॉन्फ्रेंस 2026’ 14 से 17 अप्रैल तक नई दिल्ली में आयोजित हुई। चार दिन चली इस बैठक में समुद्री सुरक्षा, सैन्य तैयारी और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से मंथन किया गया।

नौसेना कमांडर्स कॉन्फ्रेंस 2026: बदलते युद्ध के दौर में ‘फ्यूचर रेडी’ बनने पर जोर

बदलती दुनिया, बढ़ती चुनौतियां

बैठक की शुरुआत नौसेना प्रमुख के संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने कहा कि वैश्विक हालात तेजी से बदल रहे हैं और समुद्री क्षेत्र में खतरे बढ़ रहे हैं।

कई जगह एक साथ चल रहे संघर्ष
गैर-राज्य तत्वों (Non-state actors) का बढ़ता खतरा

इन चुनौतियों से निपटने के लिए नौसेना को हर समय तैयार रहने और नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया गया।

सहयोग और तकनीक पर फोकस

बैठक में यह भी कहा गया कि:

दूसरे देशों के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास बढ़ाए जाएं
आधुनिक तकनीक अपनाकर नौसेना को “फ्यूचर रेडी” बनाया जाए

 CDS और गृह सचिव की अहम बातें

इस कॉन्फ्रेंस में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान और गृह सचिव भी शामिल हुए।

CDS ने कहा कि अब युद्ध केवल हथियारों से नहीं, बल्कि तकनीक और आर्थिक ताकत से भी लड़ा जा रहा हैगृह सचिव ने तटीय सुरक्षा मजबूत करने और अवैध गतिविधियों पर रोक के लिए बेहतर समन्वय पर जोर दिया

नई समुद्री सुरक्षा रणनीति जारी

बैठक के दौरान Indian Navy Maritime Security Strategy (INMSS-2026) भी लॉन्च की गई, जो आने वाले वर्षों के लिए समुद्री सुरक्षा का रोडमैप तय करेगी।

इसके अलावा “सागर मंथन” चर्चा में रक्षा क्षेत्र में नई तकनीक और रिसर्च के लिए निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।यह बैठक साफ संकेत देती है कि भारतीय नौसेना भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए खुद को तकनीकी, रणनीतिक और सहयोगात्मक रूप से और मजबूत बना रही है।

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