Monday, May 11, 2026
Latest:
राष्ट्रीय

Muslim Vote Bank UP: सपा के झांसे में न आएं मुसलमान, तलाशें नया विकल्प; मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का अखिलेश पर बड़ा हमला, ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ और बीजेपी से रिश्तों पर उठाए सवाल

Muslim Vote Bank UP: सपा के झांसे में न आएं मुसलमान, तलाशें नया विकल्प; मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का अखिलेश पर बड़ा हमला, ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ और बीजेपी से रिश्तों पर उठाए सवाल।उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों से पहले मुस्लिम समाज के भीतर समाजवादी पार्टी को लेकर नाराजगी के स्वर तेज होने लगे हैं। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मुसलमानों के नाम एक ‘खुला पत्र’ जारी कर सपा को वोट न देने की अपील की है।

सोना-चांदी छोड़िए: इस चाय की ‘एक चुस्की’ में बिक जाएंगे कटनी शहर के 3 फ्लैट, सुरक्षा में तैनात रहते हैं कमांडो-yashbharat.com

Muslim Vote Bank UP: सपा के झांसे में न आएं मुसलमान, तलाशें नया विकल्प; मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का अखिलेश पर बड़ा हमला, ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ और बीजेपी से रिश्तों पर उठाए सवाल

‘बीजेपी का डर दिखाकर वोट लेती है सपा’

मौलाना रजवी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा मुसलमानों को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का डर दिखाकर उनका इस्तेमाल किया है।  मौलाना ने कहा कि जब मुस्लिम समाज के बड़े मुद्दों पर बोलने की बारी आती है, तो अखिलेश यादव अक्सर खामोश हो जाते हैं।  रजवी के अनुसार, अखिलेश यादव अब ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ की राह पर चल रहे हैं, जिससे मुस्लिम समाज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।

सपा और बीजेपी के ‘भीतरी रिश्तों’ का किया पर्दाफाश

मौलाना रजवी ने अपने पत्र में कई ऐसे उदाहरण दिए जो सपा के दोहरे चेहरे को उजागर करते हैंए उन्होंने याद दिलाया कि कैसे मुलायम सिंह यादव ने संसद में पीएम मोदी के दोबारा प्रधानमंत्री बनने की दुआ की थी। मौलाना ने अखिलेश यादव द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को घर आने का न्योता देने और सोशल मीडिया पर वायरल हुई सपा-बीजेपी नेताओं की ‘दावत’ वाली तस्वीरों का भी हवाला दिया।

2027 के लिए ‘नया विकल्प’ तलाशने की अपील

मौलाना ने प्रदेश के मुसलमानों से भावुक होने के बजाय व्यावहारिक होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ एक पार्टी को वोट देने का समय खत्म हो चुका है।027 के चुनावों के लिए मुस्लिम समाज को एक ऐसा विकल्प तैयार करना चाहिए जो उनके हितों की बात मजबूती से कर सके।उन्होंने उन मुस्लिम नेताओं पर भी निशाना साधा जो कौम के मुद्दों पर बोलने के बजाय पार्टी लाइन के पीछे छिपे रहते हैं।

निष्कर्ष: मौलाना रजवी का यह बयान आने वाले दिनों में यूपी की राजनीति में बड़े ध्रुवीकरण या नए समीकरणों की ओर इशारा कर रहा है। क्या मुस्लिम मतदाता सपा का साथ छोड़ेंगे? यह 2027 का सबसे बड़ा सवाल होगा।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि