MP Shivraj Cabinet Expansion Live भोपाल। मध्य प्रदेश में सीएम शिवराज सिंह चौहान में पांच चेहरों को जगह मिली हैं, इसमें हरदा से विधायक कमल पटेल और उमरिया के मानपुर से विधायक मीना सिंह भी शामिल हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के बीच आला कमान से मिले आदेश के अनुसार शिवराज सिंह चौहान के इस मिनी कैबिनेट में मीना सिंह अकेली महिला मंत्री हैं। जानिए Kamal Patel और Meena Singh में ऐसा क्या खास है जो उन्हें इस छोटे से कैबिनेट में भी जगह मिली…
Meena Singh : 24 साल पहले पहली बार बनी विधायक, अब कैबिनेट मंत्री
उमरिया जिले के मानपुर से विधायक मीना सिंह 5 मंत्रियों में अकेली महिला मंत्री हैं। पांच बार की विधायक मीना सिंह छात्र जीवन में वापा वनवासी सेवा मंडल एवं हाई स्कूल मंडला की कार्यकारणी की सदस्य रहीं। 1994 में वे जनपद सदस्य निर्वाचित हुईं थी, करीब 24 वर्ष पहले 1996 में हुए उपचुनाव में वे पहली बार विधायक बनीं। वे प्रदेश भाजपा कार्यसमिति, राष्ट्रीय युवा मोर्चा कार्यकारिणी और मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी की सदस्य रहीं हैं। 1997 में सिंह ने क्यूबा में आयोजित युवा सम्मेलन में भी भाग लिया। 2003 में विधायक बनने के बाद आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण, महिला एवं बाल विकास, पंचायत और ग्रामीण विकास, नर्मदा घाटी विकास में अलग-अलग समय राज्य मंत्री रहीं।
Kamal Patel : उमा भारती से लेकर हर भाजपा सरकार में रहे मंत्री
हरदा से पांचवी बार विधायक बने कमल पटेल उमा भारती, बाबूलाल गौर और पहले भी शिवराज सिंह चौहान सरकार में मंत्री रह चुके हैं। मध्य प्रदेश में भाजपा के कद्दावर नेताओं में शुमार कमल पटेल का नाम मंत्री बनाए जाने के लिए सीएम शिवराज सिंह चौहान के शपथ ग्रहण करने के बाद से ही चल रहा था। कमल पटेल के राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1980 में इंदौर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में विभिन्न पदों पर रहते हुए हई। 1980 में वे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े। 1990 में वे युवा मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य बने। मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार के दौरान कमल पटेल, चिकित्सा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण, राजस्व एवं धार्मिक न्या धर्मस्व विभाग के राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) रहे हैं।

