MP Rajya Sabha Election: मध्य प्रदेश में वोटिंग से पहले ही बड़ा उलटफेर- भाजपा के तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित; रिटर्निंग ऑफिसर ने सौंपे प्रमाण-पत्र

मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में भाजपा के तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए हैं। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने से यह समीकरण बना। पूरी रिपोर्ट yashbharat.com पर

MP Rajya Sabha Election: मध्य प्रदेश में वोटिंग से पहले ही बड़ा उलटफेर- भाजपा के तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित; रिटर्निंग ऑफिसर ने सौंपे प्रमाण-पत्र

भोपाल: मध्य प्रदेश की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और धमाकेदार खबर सामने आ रही है। सूबे की 3 राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव की तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो गई है, जहाँ बिना मतदान (Voting) के ही भाजपा के सभी उम्मीदवारों को निर्विरोध (Unopposed) विजेता घोषित कर दिया गया है।

राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने गुरुवार को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों नवनिर्वाचित सांसदों को जीत का आधिकारिक निर्वाचन प्रमाण-पत्र (Certificate) सौंप दिया।

1. कांग्रेस उम्मीदवार का पर्चा खारिज होने से खुला भाजपा की जीत का रास्ता

मध्य प्रदेश के इस राज्यसभा चुनाव में वोटिंग की नौबत ही नहीं आई। इसके पीछे विपक्ष की एक बहुत बड़ी प्रशासनिक और राजनीतिक चूक रही:

2. कौन हैं संसद के उच्च सदन पहुंचने वाले भाजपा के ये 3 दिग्गज?

भाजपा ने इस बार अपने सांगठनिक महारथियों और जमीनी चेहरों को दिल्ली के गलियारों में भेजने का फैसला किया है:

3. विधानसभा में जश्न का माहौल, कांग्रेस में मची रार!

गुरुवार को जब विधानसभा परिसर में प्रमाण-पत्र वितरण का कार्यक्रम हुआ, तो वहां भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, कैबिनेट मंत्री और संगठन के बड़े पदाधिकारी मौजूद रहे। भाजपा ने इस ऐतिहासिक जीत को अपनी सांगठनिक मजबूती और शीर्ष नेतृत्व के प्रति विधायकों के अटूट विश्वास का परिणाम बताया।

कांग्रेस के भीतर फूटा ‘लेटर बम’ और गुस्सा: इस करारी प्रशासनिक हार के बाद कांग्रेस के भीतर आंतरिक कलह और भितरघात के आरोप खुलकर सामने आने लगे हैं। पूर्व कांग्रेस विधायक पुरुषोत्तम दांगी ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सोशल मीडिया (फेसबुक) पर एक तीखी पोस्ट लिखी है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। कार्यकर्ता और नेता अब खुलकर पूछ रहे हैं कि मीनाक्षी नटराजन का फॉर्म रिजेक्ट होना “महज एक चूक है या फिर कोई अंदरूनी फिक्सिंग?”

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