Pakistan GDP 2026: भीख का कटोरा और 456 अरब डॉलर की इकोनॉमी का ढोल-जानिए कैसे विदेशों में बैठे पाकिस्तानियों के दम पर दिवालिया होने से बचा इस्लामाबाद

Pakistan GDP 2026: भीख का कटोरा और 456 अरब डॉलर की इकोनॉमी का ढोल-जानिए कैसे विदेशों में बैठे पाकिस्तानियों के दम पर दिवालिया होने से बचा इस्लामाबाद

Pakistan GDP 2026: भीख का कटोरा और 456 अरब डॉलर की इकोनॉमी का ढोल-जानिए कैसे विदेशों में बैठे पाकिस्तानियों के दम पर दिवालिया होने से बचा इस्लामाबाद

इस्लामाबाद: गंभीर आर्थिक संकट, रिकॉर्डतोड़ महंगाई और अंतरराष्ट्रीय कर्ज के भारी बोझ तले दबे पड़ोसी देश पाकिस्तान से उसकी अर्थव्यवस्था को लेकर एक चौंकाने वाली और राहत भरी रिपोर्ट सामने आई है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने देश का नया राष्ट्रीय बजट पेश होने से ठीक पहले ‘पाकिस्तान इकोनॉमिक सर्वे 2025-26’ जारी किया है।

इस सरकारी सर्वे के मुताबिक, तमाम झटकों के बावजूद पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में पिछले चार साल की सबसे तेज रिकवरी देखने को मिली है, जिसने वैश्विक विकास दर को भी पीछे छोड़ दिया है। आइए जानते हैं पाकिस्तान के इस आर्थिक दावे की पूरी इनसाइड स्टोरी।

1. लक्ष्य से चूका लेकिन 4 साल में सबसे तेज बढ़ी विकास दर (GDP)

पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

2. 456 अरब डॉलर की हुई इकोनॉमी, बाढ़ और युद्ध ने बिगाड़ा खेल

पाकिस्तानी सरकार ने लक्ष्य पूरा न होने के पीछे दो मुख्य अंतरराष्ट्रीय और प्राकृतिक कारणों का हवाला दिया है:

3. राजकोषीय घाटा थमा, टैक्स कलेक्शन में 10.1% का उछाल

आर्थिक सर्वे के मुताबिक पाकिस्तान की वित्तीय स्थिति में पहले से सुधार हुआ है:

4. विदेशी मुद्रा भंडार और रेमिटेंस ने डूबने से बचाया

पाकिस्तानी मूल के अप्रवासियों (Overseas Pakistanis) और विदेशी फंड ने इस साल देश को दिवालिया होने से बचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है:

5. कृषि और उद्योग चमके, लेकिन 6.2% महंगाई ने बढ़ाई टेंशन

एक्सपर्ट्स की राय: आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि कागजों और आंकड़ों पर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत जरूर दिख रहे हैं, लेकिन जब तक देश पर लदा भारी अंतरराष्ट्रीय कर्ज कम नहीं होता और महंगाई पर लगाम नहीं लगती, तब तक पाकिस्तान को स्थायी रूप से आर्थिक मजबूती मिलना नामुमकिन है।

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