मध्य प्रदेश में कांग्रेस को लगा सबसे बड़ा झटका, उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द; BJP के महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित
मध्य प्रदेश में कांग्रेस को लगा सबसे बड़ा झटका, उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द; BJP के महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित
भोपाल मध्य प्रदेश की राजनीति में आज मंगलवार को उस वक्त सबसे बड़ा भूचाल आ गया, जब राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की एकमात्र उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र (Nomination Paper) कानूनी तकनीकी आधार पर रद्द कर दिया गया。 इस बड़े फैसले के साथ ही वोटिंग से पहले ही कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तीसरे उम्मीदवार महेश केवट अब राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित (Unopposed Elected) हो गए हैं। मध्य प्रदेश में कांग्रेस को लगा सबसे बड़ा झटका, उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द; BJP के महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित
इस ऐतिहासिक और अप्रत्याशित सियासी उलटफेर के बाद कांग्रेस खेमे में मातम का माहौल है, जबकि बीजेपी खेमे में जश्न शुरू हो गया है।मध्य प्रदेश में कांग्रेस को लगा सबसे बड़ा झटका, उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द; BJP के महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित
हैदराबाद कोर्ट का केस छिपाना पड़ा भारी, रिटर्निंग ऑफिसर का बड़ा फैसला
आज 9 जून को विधानसभा में राज्यसभा उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी चल रही थी। इस दौरान बीजेपी के अधिवक्ताओं ने संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की मौजूदगी में मीनाक्षी नटराजन के फॉर्म पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई थी।
- क्या था आरोप: बीजेपी का आरोप था कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ हैदराबाद (तेलंगाना) की फोर्थ एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में आपराधिक मामला (BNS एक्ट के तहत) लंबित है, जिसमें वे साल 2025 में अपना लिखित जवाब भी दे चुकी हैंमध्य प्रदेश में कांग्रेस को लगा सबसे बड़ा झटका, उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द; BJP के महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित
- नियमों का उल्लंघन: सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के कड़े नियमों के मुताबिक उम्मीदवार को अपने खिलाफ लंबित हर केस की जानकारी चुनावी हलफनामे में देनी होती है, लेकिन नटराजन ने इस जानकारी को कथित तौर पर छिपाया था
विधानसभा में दोनों पक्षों के बीच घंटों चली तीखी बहस और भारी गहमागहमी के बाद आखिरकार रिटर्निंग ऑफिसर ने बीजेपी की आपत्ति को सही पाया और नियमों के उल्लंघन के चलते कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज कर दिया।
बीजेपी के महेश केवट की लॉटरी, निर्विरोध पहुंचे राज्यसभा
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होते ही मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट पर अब मुकाबला पूरी तरह खत्म हो गया है。 संख्या बल के लिहाज से तीसरे उम्मीदवार के लिए बीजेपी के पास करीब 10 विधायकों के वोट कम थे, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी के बाहर होते ही बीजेपी के महेश केवट का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है।
इसके साथ ही मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर अब बीजेपी का पूरी तरह कब्जा हो गया है (रंजनीश अग्रवाल, तरुण चुघ पहले ही दो सीटों पर मजबूत स्थिति में थे)।
लोकतंत्र की हत्या या कांग्रेस की अपनी नालायकी?
इस बड़े फैसले के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और अन्य बड़े नेताओं ने इसे बीजेपी की दमनकारी नीति और लोकतंत्र की हत्या करार दिया है, वहीं बीजेपी का कहना है कि यह कांग्रेस की अपनी नालायकी और कानूनी अज्ञानता का नतीजा है। बहरहाल, 18 जून को होने वाली वोटिंग से पहले ही इस सीट का फैसला होना, मध्य प्रदेश कांग्रेस के इतिहास का सबसे शर्मनाक मोड़ माना जा रहा है।










