कटनी जिला प्रशासन का सख्त रुख: उचित मूल्य दुकानों पर होगी कार्रवाई, आईटीआई प्राचार्य को नोटिस
कटनी जिला प्रशासन का सख्त रुख: उचित मूल्य दुकानों पर होगी कार्रवाई, आईटीआई प्राचार्य को नोटिस
कटनी जिला प्रशासन का सख्त रुख: उचित मूल्य दुकानों पर होगी कार्रवाई, आईटीआई प्राचार्य को नोटिस
कटनी: जिले की प्रशासनिक व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाने और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में शासकीय उचित मूल्य दुकानों में अनियमितता, आईटीआई भवन स्थानांतरण में देरी और सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों को लेकर कई कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर और नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य प्रशासनिक बिंदु एवं निर्देश:
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उचित मूल्य दुकानों में कालाबाजारी पर कड़ा प्रहार: कलेक्टर श्री तिवारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। राशन वितरण में गड़बड़ी और कालाबाजारी करने वाले विक्रेताओं को बख्शा नहीं जाएगा, उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कटनी जिला प्रशासन का सख्त रुख: उचित मूल्य दुकानों पर होगी कार्रवाई, आईटीआई प्राचार्य को नोटिस
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आईटीआई भवन शिफ्टिंग में लापरवाही पर एक्शन: उमरियापान आईटीआई भवन के स्थानांतरण में हो रही अनावश्यक देरी पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई। पूर्व के निर्देशों का पालन न होने पर प्राचार्य संत सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, आईटीआई के नोडल प्राचार्य देवेश मिश्रा को एक सप्ताह के भीतर भवन स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी करने की सख्त हिदायत दी गई है।
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सीएम हेल्पलाइन और टीएल शिकायतों का मैदानी समाधान: कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शिकायतों का गहन विश्लेषण करें। जिन हल्कों में शिकायतें अधिक मिल रही हैं, वहां अधिकारी स्वयं फील्ड विजिट कर समस्याओं का मौके पर समाधान करें।
इसके अलावा, सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, स्कूल शिक्षा, खनिज, सहकारिता, महिला एवं बाल विकास, और वन विभागों की लंबित शिकायतों में हीलाहवाली बरतने वाले अधिकारियों के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की गई। कलेक्टर ने दोटूक शब्दों में कहा कि जनशिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।








