मध्यप्रदेश

MP Board Exam: एमपी बोर्ड ने बदला परीक्षा पैटर्न, ये किया बदलाव

MP Board Exam। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने इस वर्ष बोर्ड परीक्षों के पैर्टन में विशेष बदलाव किया है। पहले जहां बोर्ड परीक्षा में छात्रों को कॉपियों में ही सभी प्रश्नों के जवाब लिखना होते थे। इस बार छात्रों को परीक्षा के दौरान ओएमआर शीट दी जाएगी। इसमें छात्रों को बहु वैकल्पिक प्रश्नों के जवाब लिखना होंगे। इस बार हर विषय के प्रश्न पत्र में छात्रों का प्रश्न पत्र तीन श्रेणी में बंटा हुआ होगा। इसमें पहली श्रेणी वस्तुनिष्ठ प्रश्न (बहु वैकल्पिक प्रश्न) का होगा।

इसके बाद दूसरी श्रेणी में विषयपरक व तीसरी में विश्लेषणात्मक प्रश्न पूछे जाएंगे। छात्रों को परीक्षा में 50 प्रश्न हल करने को दिए जाएंगे। परीक्षा में लिखने के लिए कॉपियां तो मिलेगी इसके साथ ही 30 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों को आधा घंटे में हल कर ओएमआर शीट पर विकल्प को टिक करना होगा। इसके पश्चात छात्रों को उत्तर पुस्तिका दी जाएगी जिसमें 20 प्रश्नों के निश्चित शब्द सीमा में हल करना होगा।

इस मुद्दे पर हाल ही में माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष राधेश्याम जुलानिया ने निर्देश जारी किए हैं। परीक्षा के पैटर्न में यह बदलाव इस वजह से किया जा रहा है ताकि परीक्षा का रिजल्ट भी जल्द जारी हो सके।MP Board Exam। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने इस वर्ष बोर्ड परीक्षों के पैर्टन में विशेष बदलाव किया है। पहले जहां बोर्ड परीक्षा में छात्रों को कॉपियों में ही सभी प्रश्नों के जवाब लिखना होते थे। इस बार छात्रों को परीक्षा के दौरान ओएमआर शीट दी जाएगी। इसमें छात्रों को बहु वैकल्पिक प्रश्नों के जवाब लिखना होंगे। इस बार हर विषय के प्रश्न पत्र में छात्रों का प्रश्न पत्र तीन श्रेणी में बंटा हुआ होगा। इसमें पहली श्रेणी वस्तुनिष्ठ प्रश्न (बहु वैकल्पिक प्रश्न) का होगा। इसके बाद दूसरी श्रेणी में विषयपरक व तीसरी में विश्लेषणात्मक प्रश्न पूछे जाएंगे। छात्रों को परीक्षा में 50 प्रश्न हल करने को दिए जाएंगे।

परीक्षा में लिखने के लिए कॉपियां तो मिलेगी इसके साथ ही 30 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों को आधा घंटे में हल कर ओएमआर शीट पर विकल्प को टिक करना होगा। इसके पश्चात छात्रों को उत्तर पुस्तिका दी जाएगी जिसमें 20 प्रश्नों के निश्चित शब्द सीमा में हल करना होगा। इस मुद्दे पर हाल ही में माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष राधेश्याम जुलानिया ने निर्देश जारी किए हैं। परीक्षा के पैटर्न में यह बदलाव इस वजह से किया जा रहा है ताकि परीक्षा का रिजल्ट भी जल्द जारी हो सके।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम