एक लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे दद्दाधाम, टूटे सारे रिकॉर्ड, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दद्दाजी के जीवन को किया याद, दर्शन कर लिया आशीर्वाद, देखें Exclusive Photos

कटनी। दद्दा धाम में बीते 9 नवंबर से चल रहे प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के आज चौथे दिन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रभारी मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत आगमन हुआ। पिछले चार दिनों से दद्दाधाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा आज टूट गया दिन भर में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति से संपूर्ण स्थान धर्ममय नगरी में बदल गया।

झिंझरी के होमगार्ड मैदान पर बने हेलीपेड पर पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद व्ही डी शर्मा, पूर्वमंत्री एवं विधायक संजय सत्येन्द्र पाठक, दीपक सोनी टंडन,प्रणय पांडे ने सभी का स्वागत किया।

पिछले चार दिनों से दद्दाधाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा आज टूट गया दिन भर में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति से संपूर्ण स्थान धर्ममय नगरी में बदल गया।

इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का काफिला सीधे दद्दा धाम प्राण प्रतिष्ठा समारोह स्थल पहुंचा। मुख्यमंत्री श्री यादव सबसे पहले परम पूज्य गृहस्थ संत पंडित देव प्रभाकर शास्त्री(दद्दाजी) की समाधि स्थल पहुंचे आरती और माथा टेक कर दद्दाजी का आशीर्वाद लिया। इसके बाद सभी अतिथि दद्दा जी के नवनिर्मित मंदिर पहुंचे, जहां सभी ने वैदिक मंत्रों के साथ दद्दाजी की पूजा अर्चना की, मंदिर में दद्दा जी के दर्शन करने के बाद सभी अतिथि कथा स्थल पहुंचे।

कथा व्यास पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रभारी मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद व्ही डी शर्मा, पूर्वमंत्री एवं विधायक संजय सत्येंद्र पाठक व फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा के आते ही कथा स्थल तालियों की गड़बड़ा हट से गुंज उठा।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंच पर व्यासपीठ पर विराजमान सुप्रसिद्ध कथा वाचक पंडित इंद्रेश उपाध्याय जी महराज के साथ ही पंडित अनिरुद्धाचार्य जी महराज, पंडित मोहित सगन गोस्वामी जी महराज का स्वागत करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया।

कथा व्यास से दद्दाजी शिष्य मंडल की ओर से संपूर्ण कार्यक्रम के संयोजक विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों का प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में पधारने पर आभार व्यक्त किया ।
श्रद्धालुओं को संबोधित करते मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पहले तो परम पूज्य दद्दाजी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा देश प्रदेश के दूसरे तीर्थ स्थलों की तरह कटनी का दद्दा धाम प्रसिद्ध हो इसके प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री यादव ने आगे कहा कि मध्यप्रदेश सरकार युवाओं में हिंदू धर्म के प्रमुख ग्रंथों पर भी एक प्रतियोगिता पूरे प्रदेश में आयोजित करने जा रही है और इसकी शुरुआत प्रमुख हिन्दू धर्म के मुख्य धर्मग्रंथ श्रीमद भागवत गीता से की जा रही है।

आने वाले समय में पूरे प्रदेश में श्रीमद भागवत गीता पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। इससे युवाओं में अपने धर्म ग्रंथों को जानने का अवसर मिलेगा। देर शाम उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ला भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर कथा का श्रवण किया।

अगर मन पवित्र नहीं है तो तन को साफ करने का कोई फायदा नहीं होगा: इंद्रेश जी महाराज
आज की कथा प्रारंभ करते हुए प्रसिद्ध कथा वाचक पूज्य इंद्रेश जी महाराज ने कहा अगर मन पवित्र नहीं है तो तन को साफ करने का कोई फायदा नहीं होगा।
शुचिता का अर्थ है पवित्रता, सफाई। कहने का तात्पर्य है कि अगर मानसिक शुचिता नहीं है, मन ही पवित्र नहीं है तो सांसारिक तन की सफाई का कोई महत्व नहीं है। आप बाहरी सफाई और पवित्रता के साथ-साथ मन को पवित्र रखें, मन में सेवा, दान, परोपकार, अहिंसा, त्याग, परमार्थ के विचारों को स्थापित करें कल्याण होगा।
ठाकुर जी और राधा-नाम-स्मरण कदापि निष्फल नहीं जाता, यह सब तीर्थों का फल प्रदान करता है। श्री राधाजी की दृष्टि से जीवन की सार्थकता प्रेम में है। राधा कृष्ण के प्रेम में डूबी हुई है। वह कृष्ण के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकती। राधा के लिए कृष्ण ही उसका सब कुछ हैं। कृष्ण के प्रेम में ही राधा को जीवन का अर्थ और उद्देश्य मिलता है।“राधे बिन शाम आधे” अगर कृष्ण का नाम आता हैं तो राधा का भी नाम आता हैं. राधा और कृष्ण दोनों अलग परंतु एक ही हैं. शास्त्रों में राधा को योगमाया के स्वरूपों में से एक भी कहा गया हैं , भगवान की योगमाया शक्ति के कारण ही भगवान के संसार के कार्य पूर्ण होते हैं








