मध्य प्रदेश में फिर पकड़ेगा मानसून रफ्तार, 21-22 अगस्त को भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट; 3 जिलों में ऑरेंज चेतावनी
मध्य प्रदेश में फिर पकड़ेगा मानसून रफ्तार, 21-22 अगस्त को भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट; 3 जिलों में ऑरेंज चेतावनी
भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर अपनी पूरी रफ्तार पकड़ने जा रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन (गहरे अवदाब) के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का नया दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, यह डिप्रेशन झारखंड और बिहार से गुजरते हुए बुधवार तक छत्तीसगढ़ पहुंचेगा, जहां यह थोड़ा कमजोर होकर ‘वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया’ (स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र) में बदल जाएगा।
इस मौसमी तंत्र (Weather System) के प्रभाव से पूर्वी मध्य प्रदेश में 21 और 22 अगस्त को कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।
मौसम विभाग की चेतावनी: ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र (भोपाल) ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के लिए बारिश की चेतावनी जारी की है:
-
ऑरेंज अलर्ट (भारी से अति भारी बारिश): नरसिंहपुर, पन्ना और टीकमगढ़ जिलों में अति भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
-
येलो अलर्ट (मध्यम से भारी बारिश): शेष मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों के लिए सतर्क रहने की सलाह देते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसमी तंत्र का गणित: क्यों हो रही है मूसलाधार बारिश?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय प्रदेश में एक साथ कई सिस्टम सक्रिय हैं:
-
मानसून ट्रफ: वर्तमान में मानसून ट्रफ लाइन फिरोजपुर और देहरादून से होते हुए सीधे डिप्रेशन के क्षेत्र तक फैली हुई है।
-
चक्रवाती हवाओं का घेरा (Cyclonic Circulation): उत्तरी हरियाणा और पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती हवाओं का मजबूत घेरा बना हुआ है।
-
छत्तीसगढ़ से नमी: डिप्रेशन के छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ने से मध्य प्रदेश के पूर्वी और मध्य भागों में प्रचुर मात्रा में नमी आ रही है, जिससे बारिश का दौर तेज हो रहा है।








