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पीपीपी मॉडल के विरोध में ‘शहर बंद’, का मिलाजुला असर

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पीपीपी मॉडल के विरोध में ‘शहर बंद’, का मिलाजुला अस

कटनी। ‘कटनी की एक ही मांग- पूर्णतः सरकारी मेडिकल कॉलेज’ के नारे के साथ आज शहर के बंद में मिलजुला असर दिखा है। राज्य शासन द्वारा मेडिकल कॉलेज को पीपीपी (Public-Private Partnership) मॉडल पर संचालित करने के निर्णय के खिलाफ आज कटनी के विभिन्न संगठनों, व्यापारी संघों और आम नागरिकों ने ‘कटनी बंद’ का आह्वान किया है। सुबह से ही बाजारों में मिला जुला असर दिखा, कई जगह सन्नाटा पसरा देखा गया और जनभावनाएं स्पष्ट रूप से निजीकरण के विरोध में नजर आ रही हैं।

बता दें कि कटनी वासी लंबे समय से एक सर्वसुविधायुक्त मेडिकल कॉलेज का की मांग कर रहे थे। लेकिन जैसे ही इसे निजी भागीदारी (PPP) के तहत संचालित करने की खबरें आईं, उत्साह आक्रोश में बदल गया। आंदोलनकारियों का कहना है कि कटनी प्रदेश को भारी राजस्व देता है, ऐसे में यहाँ के स्वास्थ्य भविष्य को निजी हाथों में सौंपना जिले के साथ अन्याय है।

बता दें कि यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के प्रवास के दौरान मेडिकल कॉलेज के भूमिपूजन की तैयारियां चल रही हैं। शासन इसे एक उपलब्धि की तरह देख रहा है, जबकि जमीन पर जनता इसे ‘निजीकरण का थोपा जाना’ मान रही है।

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