सफाई व्यवस्था में ढिलाई बर्दाश्त नहीं, सिस्टम को रखें मजबूत — निगमायुक्त के सख्त निर्दे
*प्राइमरी पॉइंट पर ही हो कचरे का कलेक्शन, बाजार क्षेत्रों में नियमित पहुंचे कचरा वाहन
कटनी — शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर अब निगम प्रशासन सख्त रुख अपनाते हुए पूरी व्यवस्था को मजबूत बनाने में जुट गया है। निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि सफाई व्यवस्था का पूरा सिस्टम मजबूत रखा जाए और घरों एवं दुकानों से निकलने वाले कचरे का कलेक्शन प्राइमरी पॉइंट पर ही सुनिश्चित किया जाए, ताकि सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर कहीं भी कचरे का जमाव दिखाई न दे।
सोमवार शाम आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में निगमायुक्त ने स्वच्छता व्यवस्था की गहन समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य अमले को कड़े निर्देश दिए कि सफाई कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी आदेश जैन, स्वास्थ्य अधिकारी संजय सोनी, एमएसडब्ल्यू प्रबंधक सहित सभी स्वच्छता निरीक्षक और वार्ड दरोगा उपस्थित रहे।
व्यावसायिक क्षेत्रों में शाम को पहुंचे कचरा वाहन
निगमायुक्त ने निर्देशित किया कि नगर के प्रमुख बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। साथ ही शाम के समय नियमित रूप से कचरा संग्रहण वाहन भेजे जाएं, ताकि दुकानों से निकलने वाला कचरा तत्काल संग्रहित हो सके और सुबह के समय बाजार क्षेत्र स्वच्छ और व्यवस्थित दिखाई दें।
समय पर ड्यूटी और तय रूट का सख्ती से पालन
निगमायुक्त ने स्वास्थ्य अमले को निर्देश दिए कि सभी कर्मचारी निर्धारित समय पर अपने कर्तव्यों पर उपस्थित हों और तय रूट के अनुसार सफाई कार्य सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वार्ड दरोगा यह सुनिश्चित करें कि कचरा वाहन समय पर पहुंचे और घरों व दुकानों से निकलने वाला गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डस्टबिन में ही दिया जाए। साथ ही सार्वजनिक सड़कें और नालियां नियमित रूप से साफ रखी जाएं।
नियम तोड़ने वालों पर लगेगा स्पॉट फाइन
निगमायुक्त ने स्वच्छता जागरूकता टीम को निर्देश दिए कि डोर-टू-डोर संपर्क कर नागरिकों को कचरे के पृथक्करण (सेग्रीगेशन) के प्रति जागरूक किया जाए। साथ ही सफाई नियमों का उल्लंघन करने वालों पर स्पॉट फाइन की कार्रवाई भी लगातार जारी रखने के निर्देश दिए गए।
होंगे औचक निरीक्षण, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि अब बिना किसी पूर्व सूचना के किसी भी वार्ड की सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान यदि सफाई कार्य में लापरवाही या ढिलाई पाई गई तो संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
एमएसडब्ल्यू प्रबंधन को लगाई फटकार
बैठक के दौरान निगमायुक्त ने एमएसडब्ल्यू प्रबंधन को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि किसी भी नागरिक को कचरा वाहन का इंतजार नहीं करना पड़े। यदि कचरा वाहन समय पर हर घर तक पहुंचेगा तो नागरिक सीधे वाहन में कचरा देंगे, जिससे सड़कों और नालियों में कचरा फैलने की समस्या भी खत्म होगी और निगम पर अतिरिक्त बोझ भी कम होगा। उन्होंने नोडल अधिकारी आदेश जैन को कचरा वाहनों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नागरिकों से सहयोग की अपील
निगमायुक्त ने कहा कि नगर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए निगम प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन इसमें नागरिकों की सहभागिता भी आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि कचरा निर्धारित स्थानों पर ही डालें और स्वच्छता बनाए रखने में निगम प्रशासन का सहयोग करें।
