बलूचिस्तान की कोयला खदान में मीथेन गैस का धमाका; 18 खनिकों की मौत, 24 मलबे में जिंदगी की जंग लड़ रहे
क्वेटा: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा के बाहरी इलाके में गुरुवार को एक कोयला खदान में भीषण विस्फोट हो गया। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 18 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 24 अन्य मजदूर अभी भी खदान के मलबे में फंसे हुए हैं। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि खदान के भीतर ऑक्सीजन का स्तर शून्य होने के कारण फंसे हुए मजदूरों की स्थिति अत्यंत गंभीर है।
मीथेन गैस जमा होने से हुआ धमाका
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ज़हरीली गैस का विस्फोट: सरकारी खदान निरीक्षक गनी बलूच के अनुसार, खदान के भीतर मीथेन गैस अत्यधिक मात्रा में जमा हो जाने के कारण यह भयंकर विस्फोट हुआ।
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18 शव बरामद: प्रांतीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के राहत अभियानों के तहत पहले 7 शव और बाद में 11 और मजदूरों के शव बरामद किए गए।
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ज़िंदा बचने की उम्मीद कम: निरीक्षक गनी बलूच ने बताया कि मीथेन विस्फोट के बाद खदान के भीतर जहरीली गैसें भर जाती हैं और ऑक्सीजन खत्म हो जाती है, जिससे किसी के जीवित मिलने की संभावना बहुत कम रह जाती है। बचाव दल बेहद सतर्कता के साथ अंदर आगे बढ़ रहे हैं।
सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान, ट्रेड यूनियनों में आक्रोश
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मुआवजे की घोषणा: बलूचिस्तान के खान एवं खनिज मंत्री शोएब नोशेरवानी ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतक खनिकों के परिवारों को 5,00,000 पाकिस्तानी रुपए (लगभग 1,800 USD) की वित्तीय सहायता देने का ऐलान किया है।
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लापरवाही के आरोप: पाकिस्तान सेंट्रल माइन्स लेबर फेडरेशन ने आरोप लगाया है कि यह हादसा खदान मालिकों की घोर लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी का नतीजा है। लेबर यूनियन ने दोषी कंपनियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बलूचिस्तान की खदानों में लगातार होते हादसे
पाकिस्तान और खास तौर पर बलूचिस्तान के कोयला खनन उद्योग में सुरक्षा उपकरणों, उचित वेंटिलेशन और गैस मॉनिटरिंग सिस्टम की भारी कमी है। इसके बावजूद, गरीबी और बेरोजगारी के कारण हजारों मजदूर कम वेतन और जानलेवा जोखिमों के बीच इन खदानों में काम करने को मजबूर हैं।
