सिक्किम टनल हादसा: तीस्ता स्टेज-6 प्रोजेक्ट की सुरंग में मीथेन ब्लास्ट, 10 मजदूरों की मौत, 15 अभी भी लापता; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
नामची/गंगटोक: सिक्किम के नामची जिले के समरदुंग (झोलुंगे) में एनएचपीसी (NHPC) की निर्माणाधीन तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की हेड रेस टनल में सोमवार को एक भीषण हादसा हो गया। टनल के अंदर अचानक हुए मीथेन गैस ब्लास्ट और उसके बाद हुए भूस्खलन के कारण 25 से ज्यादा मजदूर फंस गए। जिला प्रशासन और NHPC ने अब तक 10 मजदूरों की मौत की पुष्टि की है, जबकि लगभग 15 मजदूर अभी भी मलबे और पानी से भरी अंधेरी सुरंग में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। युद्धस्तर पर जारी राहत और बचाव अभियान में जहरीली गैसों और भारी बारिश के कारण भारी मुश्किलें आ रही हैं।
हादसा कैसे हुआ: चट्टानों में दबी ‘मीथेन’ बनी काल
सरकारी कंपनी NHPC द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना 20 जुलाई 2026 को दोपहर 1:04 बजे हुई।
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ब्लास्ट की वजह: दक्षिण सिक्किम के समरडुंग में बन रही हेड रेस टनल के अंदर चट्टानों के बीच फंसी प्राकृतिक मीथेन गैस अचानक फट गई।
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परिणाम: धमाका इतना जबरदस्त था कि पूरी सुरंग घने धुएं और जहरीली गैसों से भर गई। धमाके के बाद हुए भूस्खलन ने टनल के प्रवेश द्वार को बंद कर दिया, जिससे अंदर काम कर रहे कर्मचारी फंस गए।
रेस्क्यू में सबसे बड़ी बाधा: जहरीली गैस और भारी बारिश
प्रशासन और SDRF की टीमें कल से ही रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं, लेकिन हालात अत्यंत चुनौतीपूर्ण हैं।
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जहरीली गैस का रिसाव: अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन के बाद चट्टानों के विस्थापन के कारण सुरंग के अंदर प्राकृतिक रूप से जहरीली गैसों का रिसाव हो रहा है। इसके कारण कई बचावकर्मियों को चक्कर आए और कुछ बेहोश भी हो गए, जिससे ऑपरेशन को बार-बार रोकना पड़ा।
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भारी बारिश और पानी: नामची की एसपी सोनम डोलमा ने बताया कि सोमवार रात से हो रही भारी बारिश के कारण टनल के अंदर पानी भर गया। इससे बचाव कार्य पूरी तरह ठप हो गया था। पानी निकालने के बाद अभियान फिर से शुरू किया गया है। सिक्किम टनल हादसा: तीस्ता स्टेज-6 प्रोजेक्ट की सुरंग में मीथेन ब्लास्ट, 10 मजदूरों की मौत, 15 अभी भी लापता; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
मृतकों और लापता लोगों का विवरण
नामची SP सोनम डोलमा के अनुसार, टनल में फंसे संभावित 27 लोगों (संख्या बदल सकती है) में से 10 शव बरामद किए जा चुके हैं।
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पहचान: बरामद 10 शवों में से 7 की पहचान हो चुकी है। मृतक मजदूर पश्चिम बंगाल (3), उत्तराखंड (1), असम और सिक्किम के रहने वाले हैं। 3 शवों की पहचान की प्रक्रिया अभी जारी है।
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लापता: NHPC के अनुसार, टनल में 25 कर्मचारी थे, जिनमें से 10 की मौत हुई है और 15 अभी भी लापता हैं। प्रशासन लापता लोगों को बाहर निकालने की हर संभव कोशिश कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है:
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मृतकों के लिए: प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से हर मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये।
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घायलों के लिए: इस घटना में घायल हुए लोगों को 50,000 रुपये की मदद दी जाएगी।
“नामची, सिक्किम में बन रही एक टनल के ढहने से हुई मौतों से दुखी हूं। मैं पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।” – PMO (एक्स पर पोस्ट)
अमित शाह ने की सीएम तमांग से बात, केंद्र से हरसंभव मदद
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली। शाह ने राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की और राज्य सरकार को केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रभावित लोगों की सहायता के लिए पूरी तरह तैयार है।
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग स्वयं कर रहे निगरानी
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि वह स्वयं बचाव अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने:
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सभी संबंधित विभागों को राहत कार्य तेज करने और प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए हैं।
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बचाव कार्य में लगे जवानों और अधिकारियों की बहादुरी और समर्पण की सराहना की।
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लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रभावित मजदूरों के लिए प्रार्थना करने की अपील की।
राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि बचाव अभियान को सुरक्षित और तेजी से पूरा करने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।








