Smartphones Apps में मैलवेयर: Smartphone के इन Apps से एक झटके में खली हो सकता है आपका बैंक अकाउंट, Rating और Reviews देख कर ही करें इंस्टाल
नमस्कार दोस्तों Yashbharat.com पर आपका स्वागत है आज हम आपको Technology से जुड़ी जानकारी देने जा रहे हैं जो आपके डाटा प्राइवेसी के लिए महत्वपूर्ण है Smartphones का उपयोग दिन-ब-दिन बढ़ रहा है ये Smartphones हमारी दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुके हैं लेकिन कुछ स्मार्टफोन ऐप्स आपकी डाटा प्राइवेसी पर नजर रख रहे हैं ये ऐप्स आपके सिक्योर पासवर्ड्स, प्राइवेट इमेजेज आदि को भी ट्रैक कर रहे हैं जो सुरक्षा के दृष्टिकोण से खतरनाक है एक रिपोर्ट के अनुसार, ऐप्स की मदद से बैंक अकाउंट खाली हो सकता है इसलिए आपको सतर्क रहना चाहिए हम आपको इस रिपोर्ट के दावे की जानकारी देंगे

नमस्कार दोस्तों Yashbharat.com पर आपका स्वागत है आज हम आपको बताने जा रहे है Technology से जुडी ऐसी जानकारी जो आपके डाटा प्राइवेसी के लिए अधिक महत्वपूर्ण है. जैसा की आज कल Smartphones का उपयोग दिनों दिन बढ़ता जा रहा है ये Smartphones हमारी दैनिक जीवन का हिस्सा बन चूका है लेकिन आप जानकर हैरान हो जायेंगे की यही स्मार्टफोन्स के कुछ Apps हमारी डाटा प्राइवेसी को Watch कर रहे हैं. इन्ही Smartphones के कुछ अप्प आपके सिक्योर पासवर्ड्स, प्राइवेट इमेजेज आदि पर भी अपनी नज़र बनाये रहते हैं. जो हमारी सुरक्षा की दृष्टि से बहुत ही खतरनाक है.
दरअसल एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Apps की मदद से बैंक अकाउंट खाली तक हो सकता है। इसलिए आपको काफी ध्यान रखना होता है। हम आपको इन चीजों की जानकारी देने जा रहे हैं जो एक रिपोर्ट में दावा किया गया है।
मेटा ने किया दावा:
मेटा का कहना है कि कुछ समय पहले उसने पाया कि एडिटिंग ऐप्स की मदद से स्कैमर्स लोगों के बैंक अकाउंट खाली कर सकते हैं। ये ऐप्स इतनी सिक्योर नहीं थीं और प्ले स्टोर पर भी आसानी से मिल रही थीं। इनमें वो फोटो एडिटिंग ऐप्स भी शामिल थीं जो लोग बिना सोचे-समझे डाउनलोड कर रहे थे। लोगों को अंदाजा नहीं था कि ये ऐप्स उनकी सिक्योरिटी के लिए कितनी खतरनाक हो सकती हैं।
मैलवेयर का खतरा:
गूगल ने एक रिपोर्ट में कहा कि कुछ ऐप्स में मैलवेयर का खतरा है, जो बहुत नुकसानदायक हो सकते हैं। इस पर गूगल ने तुरंत एक्शन लिया और उन ऐप्स को ब्लॉक कर दिया, साथ ही प्ले स्टोर से हटा दिया। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए जांच एजेंसियों की तरफ से अक्सर नोटिफिकेशन जारी किया जाता है और इन्हें ब्लॉक कर दिया जाता है।








