महामिलावट का भंडाफोड़: रिफाइंड तेल और सोडे से बन रहा था ‘जहरीला’ पनीर, बिना लाइसेंस चल रही थी डेयरी; 98 लीटर दूध बहाया
Food License के बिना चल रही डेयरी पर छापा, 98 लीटर मिलावटी दूध बहाया; रिफाइंड से पनीर बनाने का भंडाफोड़
ग्वालियर/ग्वालियर संभाग। आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोर इस कदर बेखौफ हैं कि अब दूध-पनीर के नाम पर खुलेआम केमिकल और तेल का कॉकटेल परोसा जा रहा है। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला सागरताल रोड स्थित आनंद नगर चौराहे से सामने आया है। यहाँ ‘श्याम डेयरी’ पर जब खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने औचक छापा मारा, तो वहाँ का नजारा देखकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए।
डेयरी के भीतर रिफाइंड तेल, बेकिंग पाउडर और डालडा (वनस्पति) को मिलाकर कृत्रिम पनीर तैयार किया जा रहा था। टीम ने गुपचुप चल रहे इस गोरखधंधे को बेनकाब करते हुए डेयरी को मौके पर ही सील (शटडाउन) कर दिया है।
संचालक के छूटे पसीने, नहीं था फूड लाइसेंस
जांच में सबसे हैरान करने वाला खुलासा यह हुआ कि इतनी बड़ी डेयरी बिना किसी फूड लाइसेंस के धड़ल्ले से चल रही थी। हैरानी की बात यह भी है कि नियमित निगरानी का दावा करने वाले खाद्य सुरक्षा विभाग को इसकी भनक तक नहीं थी। छापे के दौरान जब अधिकारियों ने संचालक अभिताव सिंह किरार से पूछा कि—“दूध की डेयरी में रिफाइंड तेल और सोडे का क्या काम?”—तो उसके पसीने छूट गए और वह बगलें झांकने लगा।
मौके पर मिला मिलावट का ‘कॉकटेल’
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को मौके से भारी मात्रा में मिलावटी सामग्रियां बरामद हुईं, जो इस प्रकार हैं:
- नीले ड्रमों में बंद संदिग्ध दूध: करीब 100 लीटर सिंथेटिक/संदिग्ध दूध।
- केमिकल और तेल का खेल: 25 किलोग्राम मिल्क क्रीम और 4 लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल। इसके साथ ही करीब डेढ़ किलोग्राम बेकिंग पाउडर (खाने का सोडा) मिला।
- सबूत मिटाने की कोशिश: मौके से ‘गगन वनस्पति महाकोष’ के खाली रैपर मिले। आशंका है कि पनीर को गाढ़ा, सफेद और वजनदार बनाने के लिए इस डालडा का इस्तेमाल किया जा रहा था।
चलित लैब ने खोली पोल, मौके पर बहाया दूध
विभाग ने कार्रवाई के दौरान तुरंत चलित खाद्य प्रयोगशाला (Mobile Food Lab) को मौके पर बुलाया। जब दूध और क्रीम की प्राथमिक जांच की गई, तो टेस्ट ट्यूब का रंग बदलते ही मिलावट का सच सामने आ गया। जांच में दूध के भीतर भारी मात्रा में ‘अदर फैट’ (मिलावटी वसा) पाया गया।
कार्रवाई: अधिकारियों ने तत्काल एक्शन लेते हुए 98 लीटर मिलावटी दूध को मौके पर ही नाले में बहाकर नष्ट कर दिया। इसके अलावा 25 किलोग्राम मिल्क क्रीम, 2 लीटर रिफाइंड तेल और 1 किलोग्राम बेकिंग पाउडर को जब्त कर सील कर दिया गया है। नमूने लेकर लैब भेजे गए हैं।
शीतला डेयरी पर भी गिरी गाज
श्याम डेयरी को पूरी तरह शटडाउन और सील करने के बाद टीम का अगला ठिकाना आनंद नगर स्थित ‘शीतला डेयरी’ बना। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतीश कुमार शर्मा के नेतृत्व में टीम ने संचालक राजेन्द्र सिंह गुर्जर के यहाँ दबिश दी और वहाँ से भी दूध के सैंपल लिए।
विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से इलाके के अन्य मिलावटखोरों और डेयरी संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

