शराब से राज्य की आय में बढ़ोत्तरी करेगी मध्य प्रदेश सरकार, नई आबकारी नीति से 21 हजार करोड़ का लक्ष्य

भोपाल(YASH BHARAT.COM)। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के राजस्व को बढ़ाने के लिए आबकारी नीति 2026-27 में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है। नई नीति का ड्राफ्ट अंतिम चरण में है, जिसे जल्द ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए लाया जाएगा। जानकारी के अनुसार, 3 अप्रैल 2026 से लागू होने वाली नई आबकारी नीति के जरिए सरकार ने लगभग 21 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य तय किया है, जो पिछले वर्ष के अनुमान से करीब 3 हजार करोड़ रुपये अधिक है। बीते वित्तीय वर्ष में शराब बिक्री से लगभग 18 हजार करोड़ रुपये की आमदनी का अनुमान था।राज्य सरकार का मानना है कि नई आबकारी नीति से न केवल राजस्व में ऐतिहासिक बढ़ोतरी होगी, बल्कि आबकारी व्यवस्था भी अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनेगी।
10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ेंगे दुकानों के दाम
नई नीति के तहत शराब दुकानों के चालू वित्तीय वर्ष के मूल्य में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि कर लॉटरी एवं ई-टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से ठेके दिए जाने का प्रस्ताव है। पहले दुकानों का नवीनीकरण किया जाएगा, उसके बाद लॉटरी प्रक्रिया और अंत में ई-टेंडर से ठेके आवंटित किए जाएंगे।
शॉपिंग मॉल में प्रीमियम शराब काउंटर
नीति में शॉपिंग मॉल और प्रमुख व्यावसायिक परिसरों में प्रीमियम व हाई-एंड शराब के काउंटर खोलने का प्रस्ताव भी शामिल है। इससे उच्च वर्ग के उपभोक्ताओं को बेहतर विकल्प मिलेंगे और सरकार की आय में वृद्धि होने की उम्मीद है।
111 साल पुराने आबकारी कानून में होगा संशोधन
आबकारी व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 1915 में लागू हुए 111 साल पुराने आबकारी अधिनियम में संशोधन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसके लिए आबकारी विभाग और विधि विभाग की संयुक्त विशेष टीम गठित की गई है, जो कानून को वर्तमान जरूरतों के अनुरूप तैयार करेगी।
धार्मिक-शैक्षणिक संस्थानों से तय दूरी अनिवार्य
नई नीति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों से निर्धारित दूरी का पालन सख्ती से किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाली दुकानों पर कार्रवाई की जाएगी।








