
चंद्र ग्रहण 2026: रक्षाबंधन पर कुंभ राशि में बनेगा ‘ग्रहण योग’, शनि-राहु के प्रभाव से इन 3 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क
नई दिल्ली: इस वर्ष रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। हालांकि, इस दिन लगने वाला चंद्र ग्रहण ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस ग्रहण के दौरान राहु, चंद्रमा के साथ कुंभ राशि में विराजमान रहेगा, जिससे ‘ग्रहण योग’ का निर्माण हो रहा है।
इसके साथ ही, अगली राशि मीन में शनि देव विराजमान रहेंगे। ऐसे में राहु और शनि दोनों एक साथ चंद्रमा को प्रभावित करेंगे। ज्योतिषियों के अनुसार, जब राहु और चंद्रमा एक साथ बैठते हैं तो व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है, जिससे अकारण डर और मानसिक तनाव बढ़ता है। वहीं, अगली राशि में शनि की उपस्थिति से व्यक्ति पर भावनात्मक दबाव बढ़ता है और कार्यों में बाधाएं आती हैं।
इन 3 राशियों को सतर्क रहने की आवश्यकता
राहु और शनि के इस संयुक्त प्रभाव के कारण मुख्य रूप से तीन राशियों के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है:
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सिंह राशि (Leo):
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प्रभाव: वैवाहिक जीवन और रिश्तों में समस्याएं या गलतफहमियां बढ़ सकती हैं।
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सलाह: साझेदारी (Partnership) के कार्यों में सतर्क रहें और कोई भी बड़ा फैसला सोच-समझकर लें। बड़े वित्तीय लेन-देन को कुछ समय के लिए टालना ही बेहतर रहेगा।
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कुंभ राशि (Aquarius):
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प्रभाव: राहु और चंद्रमा आपकी ही राशि में एक साथ होने से मानसिक तनाव और भावनात्मक अकेलापन महसूस हो सकता है।
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सलाह: निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। लव लाइफ, संतान पक्ष और पढ़ाई से जुड़े मामलों में समझदारी से काम लें।
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मीन राशि (Pisces):
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प्रभाव: आपकी राशि में शनि और पिछली राशि में राहु-चंद्रमा का योग रहने से कार्यक्षेत्र (Career) में दबाव बढ़ सकता है।
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सलाह: सेहत का विशेष ध्यान रखें। अनिद्रा (Insoimnia) और व्यर्थ की चिंताओं से बचें, ज्यादा सोचने (Overthinking) से खुद को दूर रखें।
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नकारात्मक प्रभाव से बचने के अचूक उपाय
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए कुछ सरल और प्रभावी उपाय बताए गए हैं:
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मंत्र जाप: ग्रहण काल के दौरान और उसके बाद भगवान शिव की उपासना करें। ‘ॐ नमः शिवाय’ या ‘महामृत्युंजय मंत्र’ का पाठ करें।
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चंद्र देव की आराधना: मन की शांति के लिए ‘ॐ सोमाय नमः’ मंत्र का नियमित जाप करें।
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दान-पुण्य: ग्रहण समाप्त होने के बाद गरीबों और जरूरतमंदों को सफेद वस्तुएं (जैसे- चावल, चीनी, दूध, सफेद वस्त्र) दान करें।
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शिवलिंग जलाभिषेक: शिवलिंग पर कच्चे दूध में जल मिलाकर अर्पित करें, इससे शनि और राहु के दुष्प्रभावों से राहत मिलती है। चंद्र ग्रहण 2026: रक्षाबंधन पर कुंभ राशि में बनेगा ‘ग्रहण योग’, शनि-राहु के प्रभाव से इन 3 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्कb रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का साया: कुंभ राशि में लगेगा ग्रहण, इन 3 राशि वालों की चमकेगी किस्मत और होगा धन लाभ








