आइए जानते हैं हाइपोथायरायडिज्म कंट्रोल करने वाले योगासन कौन-कौन से हैं?
Asanas for Thyroid
1. विपरीत करणी (उल्टी मुद्रा) से कंट्रोल करें हाइपोथायरायडिज्म
हाइपोथायरायडिज्म के लक्षणों से छुटकारा पाने के लिए आप विपरीत करणी योगासन का सहारा ले सकते हैं। यह कई अन्य बीमारियों से छुटकारा दिला सकता है। यह थायरॉइड ग्रंथि में रक्त के प्रवाह को बढ़ावा देता है। साथ ही थायराइड फंक्शन को नियंत्रित करता है। इतना ही नहीं, इस योग की मदद से आप तनाव को दूर कर सकते हैं। अनिद्रा की परेशानियों को दूर करने में भी यह योग असरदार है।
आइए जानते हैं हाइपोथायरायडिज्म कंट्रोल करने वाले योगासन कौन-कौन से हैं?
2. हाइपोथायरायडिज्म कंट्रोल करे सर्वांगासन
सर्वांगासन या शोल्डर स्टैंड आपके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को अच्छा करता है। साथ ही इससे थायरायड ग्रंथि पर दबाव पड़ता है, जो थायरॉयड ग्रंथि में रक्त की आपूर्ति को कम कर सकता है। अगर आप सर्वांगासन योग का नियमित रूप से अभ्यास करते हैं, तो इससे ब्लड परिसंचरण में सुधार किया जा सकता है। इसकी मदद से आप काफी हद तक हाइपोथायरायडिज्म की परेशानी कम कर सकते हैं।
सेतु बंधासन या ब्रिज पोज थायराइड मुख्य रूप से हाइपोथायरायडिज्म के लक्षणों को कम कर सकता है। यह गर्दन में फैलाव लाता है। साथ ही इससे थायरायड ग्रंथि में ब्लड सर्कुलेशन काफी अच्छा होता है। इतना ही नहीं, इस आसन के अभ्यास से अस्थामा, सिरदर्द जैसी परेशानी को कम किया जा सकता है।