लिवर और किडनी के टेस्ट के बाद अब PFT टेस्ट क्यों बन रहा जरूरी
लिवर और किडनी के टेस्ट के बाद अब PFT टेस्ट क्यों बन रहा जरूरी
लिवर और किडनी के टेस्ट के बाद अब PFT टेस्ट क्यों बन रहा जरूरी
लिवर और किडनी के टेस्ट के बाद अब PFT टेस्ट क्यों बन रहा जरूरी। LFT टेस्ट लिवर के लिए होता है और KFT किडनी की जांच के लिए, इन दोनों टेस्ट के नाम की तरह ही एक और टेस्ट होता है. जिसको पीएफटी टेस्ट कहते हैं. इस समय आपको ये टेस्ट जरूर करा लेना चाहिए. पीएफटी टेस्ट क्या है. क्यों कराना चाहिए और इसकी कीमत क्या है. इस बारे में एक्सपर्ट्स से जानते हैं।
लिवर और किडनी के टेस्ट के बाद अब PFT टेस्ट क्यों बन रहा जरूरी
दिल्ली के मूलचंद मेडिसिटी अस्पताल में पल्मोनोलॉजी विभाग में डॉ. भगवान मंत्री बताते हैं कि पीएफटी टेस्ट से फेफड़ों की क्षमता का पता चलता है. इस टेस्ट से यह पहचान की जा सकती है कि आपके लंग्स कितना काम कर रहे हैं. यह अस्थमा, सीओपीडी और फाइब्रोसिस जैसी बीमारियों का पता लगाने के लिए भी किया जा सकता है। लिवर और किडनी के टेस्ट के बाद अब PFT टेस्ट क्यों बन रहा जरूरी
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डॉ मंत्री कहते हैं कि अगर किसी व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ, घरघराहट की समस्या रहती है तो भी ये टेस्ट किया जाता है. इससे पता चलता है कि फेफड़े कितनी हवा अंदर ले और बाहर छोड़ पा रहे हैं. सांस लेने की स्पीड कैसी है और ऑक्सीजन शरीर में कितनी सही तरह पहुंच रही है. इस टेस्ट में किसी भी तरह का दर्द नहीं होता है और आप आसानी से इसको करा सकते हैं।
इस समय टेस्ट कराना जरूरी क्यों है?
डॉ. मंत्री कहते हैं कि हर किसी के लिए ये टेस्ट जरूरी नहीं है, लेकिन इस समय प्रदूषण काफी है. अगर आपको खांसी, सांस की परेशानी या सोते समय घरघराहट होती है तो ये टेस्ट करा लेना चाहिए. ये एक आसान सा टेस्ट है, जिससे लंग्स की क्षमता और किसी गंभीर बीमारी की शुरुआत पहचान हो सकती है. इसकी रिपोर्ट के आधार पर कई मामलों में डॉक्टर आगे सीटी स्कैन, एक्स- रे लिखते हैं।
कैसे होता है PFT टेस्ट?
PFT टेस्ट के लिए एक छोटी मशीन होती है. इससे मरीज को सांस लेने-छोड़ने के लिए कहा जाता है. कुछ मिनटों में ये टेस्ट होता है. इसके लिए खाली पेट होना ज़रूरी नहीं न ही कोई खून का सैंपल लिया जाता है, हालांकि टेस्ट से पहले स्मोकिंग से बचने की सलाह दी जाती है. साथ ही ये भी ध्यान रखें कि कभी भी हैवी वर्कआउट, रनिंग, जॉगिंग और सीढ़िया चढ़ने के बाद ये टेस्ट न कराएं. टेस्ट करान से पहले कुछ समय आराम से बैठें और फिर इस टेस्ट को करा लें.