स्थायी वित्तीय निवेश और वित्तीय साक्षरता में नवीनतम रुझान SYNA International College में सेमीनार
स्थायी वित्तीय निवेश और वित्तीय साक्षरता में नवीनतम रुझान SYNA International College में सेमीनार

कटनी। सायना इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज SYNA International College राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के पश्चात माँ सरस्वती व श्री गणेश जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।
सभी अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। सर्वप्रथम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सी.राजेश कुमार ने महाविद्यालय सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय की उपलब्धियों से अवगत कराया। आज के इस सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में रानी दुर्गावती विश्विद्यालय के प्रोफेसर डॉ. आशीष शर्मा व राजीव सिंह पाराशर उपस्थित हुए।
प्रथम वक्ता के रूप में चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि निवेश व्यवहार भविष्य के बारे में अनिश्चितता पर आधारित है, इसलिए जोखिम भरा है । समाचार और अफवाहें तथा सूचना की गति और उपलब्धता निवेश बाजारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जोखिम प्रवृत्ति, जोखिम प्राथमिकता और रवैया निवेश व्यवहार की प्रमुख अवधारणाएं हैं, इसके साथ विकास की मानसिकता विकसित करने व आदि प्रमुख बिंदुओं पर व्यख्यान प्रस्तुत किया।
इसके साथ राजीव पराशर ने जोखिम प्रबंधन पर शानदार विचार रखे। उन्होंने बताया कि क्ट में जोखिम को कैसे संभालेंगे। यह दस्तावेज करता है कि आप जोखिम का आकलन कैसे करेंगे, इसे करने के लिए कौन जिम्मेदार है, और आप कितनी बार जोखिम योजना बनाएंगे, क्योंकि आपको पूरे प्रोजेक्ट के दौरान अपनी टीम के साथ जोखिम योजना के बारे में मिलना होगा।
इसी क्रम में डॉ. भारती शर्मा ने बताया कि वित्तीय साक्षरता से आशय पैसे के बारे में स्मार्ट निर्णय लेने के लिए ज्ञान और कौशल होना। इसमें आपकी आय, खर्च, बचत, निवेश और ऋण का प्रबंधन करना शामिल है। वित्तीय रूप से साक्षर होने से आपको अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने और वित्तीय समस्याओं से बचने में मदद मिलती है।
उद्बोधन के पश्चात पैनल चर्चा में सी.ए. सुशील शर्मा, सी.ए. सपना नाकरा,सी.ए. निखिल रमनानी ने एक आयोजन किया गया, जहां विशेषज्ञ अतिथि वक्ताओं का एक समूह एक विशिष्ट विषय पर चर्चा की गई। जिसका उद्देश्य अलग-अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत करना, शामिल किया गया। इसके पश्चात सभी छात्र/छात्राओं की शंका समाधान की गई।
इस अवसर पर महाविद्यालय से डॉ. सी.ए. लियोनी, प्रो.आर. अबिरामी, डॉ. वर्षा सिंह, डॉ. प्रकाश बारी, अरुण उरमलिया, शरद यादव, हीरालाल केवट, सुश्री मेघना ओटवानी कु.साक्षी कटारिया, श्रीमती शालिनी शर्मा, कु.आयुषी त्रिपाठी, श्रीमती संगीता मिश्रा, विशाल मोंगा,कु.वर्षा नामदेव, श्री रामजी गुप्ता, प्रशांत सोनी व समस्त छात्र/छात्राओं की उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक डॉ. वर्षा सिंह के द्वारा किया गया एवं आभार प्रदर्शन सहायक प्राध्यापक अरुण उरमलिया के द्वारा किया गया।








