Tuesday, May 19, 2026
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रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त: जानें क्यों दोपहर 1 बजकर 31 मिनट के बाद ही बांधें राखी

कटनी । रक्षाबंधन पर दिनभर शोभन योग, भद्रा का सामा रहेगा इसलिये 19 को दोपहर 1 बजकर 31 मिनट के बाद ही राखी बांधना शुभ होगा, ऐसा प्रमाण ज्योतिष महेश जी द्वारा बताया जा रहा है।

1-बांधना शुभ-
सतना-रजबन्धन का त्योहार 13 अगस्त प्राण पूर्णिमा सोमवार को मनाया जायेगा
इस बार भट्टा का साया तो रहेगा लेकिन दोपहर 1.31 बजे तक। इसके बाद दिनभर रांखी बांधी जा सकेगी। इसी दिन महाकाल की भूषण, भादौ माह में निकाली जाने वाली संगरिया में निकलेगी। ज्योतिषाचार्य महेश तिथरी “देवलघाट ” का मत है कि भद्रा का गस पाताल लोक में होने से यह अशुभ नही बेता हैं। इस दिन से पंचक भी लग रहा हैं । ७ अगस्त को सुबह क्षपण नक्षण के बाद जनिएका घनिष्ठा नक्षय लगने के वारण यह राज पंचक होगा और इसे अशुभ नहीं माना
जाता है। भद्रा काल में उपाकर्म किया जा सकता हैं। इस पर रोड नही रहती इस दिन ऋग्वेदी, “यजुर्वेदी ब्राह्मण उपाकर्म केगे। दोपहर 2 बजे तक
भद्रा का प्रभाव रहेगा। इस दिन श्रवण नक्षत्र, पूर्णिमा और सोकार होने से सर्वाय सिद्धि योग की बन रहा है। साथ ही व्रत की पूर्णिमा भी इसी दिन रहेगी।

राजवेन्धन महामंच मेन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल: ।
तेन त्वाम अभिवहनामि रजे मा चल माचल 11

रक्षाबंधन के शुभ मुहूर्त :-

दोपहर 2106 से रात 8.09 तक
सर्वश्रेष्ठ रहेगा।
मुहूर्त:- सर्वार्थ सिद्धि योग दोपहर से रात तक, ब्राह्मण नवीन
परोपवीत धारण करणे, महावाल की सबारी भी
जाल
भद्रा-तिथि, वार योग, करण और नअय मिलकर पंचांग बनायाहैं। करण तिथि के आधे भाग को कहा जाता है। विष्टिवरण को भी भद्रा कहते हैं। इसे शनिदेव की बहन की कहा गया हैं इसलिये धन और होलिका दहन में भद्रा हो तो उसका निषेध माना गया है।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम