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Katni Forest Department News: विजयराघवगढ़ क्षेत्र में देसी गिद्धों का कुनबा बढ़ा, गणना में 200 व्यस्क और अवयस्क गिद्ध मि‍ले

Katni Forest Department News: विजयराघवगढ़ क्षेत्र में देसी गिद्धों का कुनबा बढ़ा, गणना में 200 व्यस्क और अवयस्क गिद्ध मि‍ले।
जिसके चलते सफाई मित्र vultures के नाम से जाने वाली इस प्रजाति की घटी संख्या वन विभाग के लिए चिंता का विषय थी। विशेषज्ञों के साथ वन विभाग की टीम ने विजयराघवगढ़ क्षेत्र में गिद्धों की संख्या अधिक होने के कारण यहां पर जागरूकता अभियान चलाया था।

कटनी। जिले के वन क्षेत्रों में देसी गिद्धों का कुनबा बढ़ने से वन विभाग के अधिकारियों के चेहरों में खुशी देखने को मिल रही है। तीन दिन चली गणना के बाद पिछली गणना से दोगुने से अधिक देशी गिद्ध जिले के दो वन परिक्षेत्रों में पाए गए हैं।

गणना का कार्य पूरा होने के बाद रविवार की देर शाम तक वरिष्ठ कार्यालयों को जानकारी भेजी गई। जिले में वर्ष 2019 की गणना के दौरान विजयराघवगढ़ व रीठी वन परिक्षेत्र में 75 गिद्ध मिले थे और वर्ष 2021 में गणना में इनकी संख्या घटकर 64 हो गई थी।

जिसके चलते सफाई मित्र के नाम से जाने वाली इस प्रजाति की घटी संख्या वन विभाग के लिए चिंता का विषय थी। विशेषज्ञों के साथ वन विभाग की टीम ने विजयराघवगढ़ क्षेत्र में गिद्धों की संख्या अधिक होने के कारण यहां पर जागरूकता अभियान चलाया था।

जिसका असर देखने को मिला है और इस वर्ष की गणना के बाद गिद्धों की संख्या बढ़कर 191 हो गई है। जिसके बाद वन अमले के चेहरों में खुशी देखने को मिल रही है। जिले में 16 फरवरी से 18 फरवरी तक हुई गिद्ध गणना में जहां 140 व्यस्क गिद्ध मिले हैं तो वहीं 51 अव्यस्क गिद्ध वन अमले को मिले हैं।

गिद्धों के मिले चार आवास, कैमोर की पहाड़ी में अधिक
वन विभाग के विजयराघवगढ़ वन परिक्षेत्र के कैमोर की पहाड़ियों में गिद्धों के सबसे अधिक आशियाने वन विभाग को मिले हैं। यहां पर कैमोर से मेहगांव के बीच पहाड़ी पर गिद्धों के तीन आशियाने टीम को मिले हैं। रेंजर विवेक जैन की अगुवाई में सुबह तीन दिन हुई गणना में 51 अव्यस्क और 136 व्यस्क देशी गिद्ध आशियानों में बैठे मिले।

वहीं रीठी वन परिक्षेत्र में कुम्हरवारा टैंक के पास देशी गिद्धों का एक आशियाना मिला है, जिसमें गिद्धों की संख्या चार मिली है, हालांकि पहले व दूसरे दिन यहां पर छह गिद्ध मिले थे लेकिन अंतिम गणना को मानते हुए यहां पर चार की संख्या आंकी गई है। रीठी क्षेत्र में रेंजर महेश पटेल की अगुवाई में गिद्धों की गणना हुई। दो वन परिक्षेत्रों के अलावा अन्य क्षेत्रों में गिद्धों की प्रजाति देखने को नहीं मिली।
सुरेश बरोले, उप वन मंडल अधिकारी का कहना है

जिले में वन संरक्षक के निर्देशन में तीन दिनों तक गिद्धों की गणना हुई है। जिसमें विजयराघवगढ़ क्षेत्र और रीठी वन क्षेत्र में चार ठिकानें देशी गिद्धों के मिले हैं।
पिछली बार की गणना में सिर्फ 64 गिद्ध पाए गए थे और इस बार की गणना में उनकी संख्या बढ़कर 191 हो गई है, जो विभाग के लिए खुशी की बात है। गिद्धों को संरक्षित करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम