कटनी में 10 दिनों में मिले कोरोना के आधा सैकड़ा मरीज, सोशल डिस्टेंसिग, मास्क नदारद

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Katni Corona Update कटनी। 10 दिनों में मिले आधा सैकड़ा मरीज । सितंबर और अक्टूबर के महीने में कहर बरपाने के बाद अब नवंबर के महीने में कोरोना संक्रमण ने एक बार फिर पैर पसारना शुरू कर दिया है।
पिछले 10 दिनों में जिले में करीब आधा सैकड़ा लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इस तरह जिले में कोरोना संक्रमण का आंकड़ा 1832 तक पहुंच गया है। कोरोना संक्रमण के संभावित खतरे के बीच अब शहर में न तो सोशल डिस्टिेसिंग का पालन हो रहा है और न ही लोग मास्क लगा रहे हैं।
प्रशासन भी अब अपने रूटीन के कार्यों में व्यस्त हो गया है। पुलिस कभी-कभार चालानी कार्यवाही करते हुए अपने दायित्वों की इतिश्री कर देती है लेकिन प्रशासन के अधिकारी अब कोरोना संक्रमण को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। प्रशासनिक मुखिया भी अब इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
उधर दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पहले ही ठंड के मौसम में एक बार फिर कोरोना संक्रमण के बढ़ने की एडवाइजरी जारी की थी, लिहाजा लोगों को अब एक बार फिर सतर्कता बरतने की जरूरत है।
आज मिले 5 मरीज, पांचों शहर के
ग्रामीण क्षेत्रों के बाद अब कोरोना संक्रमण ने शहर में असर दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले चौबीस घंटे में शहर में पांच नए मरीज मिले हैं। जानकारी के मुताबिक रेपिड एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट में नई बस्ती निवासी 38, 34 और 53 वर्षीय पुरूष, मालवीयगंज निवासी 61 वर्षीय महिला और माधवनगर निवासी 40 वर्षीय महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इस तरह जिले में अब कोरोना संक्रमण से ग्रसित कुल मरीजों की संख्या 1832 तक पहुंच गई है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भी निष्क्रिय
कोरोना संक्रमण को लेकर अब प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भी लगातार उदासीन रवैया अपनाए हुए हैं। प्रशासन द्वारा ली जाने वाली बैठकों में मौखिक तौर पर अधीनस्थ अमले को कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर रस्म अदायगी बतौर दिशानिर्देश जारी किए जाते हैं लेकिन उनका रत्ती भर भी पालन नहीं हो रहा। स्वास्थ्य विभाग भी हाथ पर हाथ धरे बैठा हुआ है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए अब न तो कोई मुहिम चलाई जा रही है और न ही जागरूकता अभियान।
सितंबर और अक्टूबर में बरपा था कोरोना संक्रमण का कहर
इस साल मार्च के महीने में कोरोना संक्रमण के चलते केन्द्र सरकार को पूरे देश को लॉकडाउन करना पड़ा था। मार्च से लेकर मई तक ढाई महीने पूरा देश लॉकडाउन रहा। उस समय न तो कोरोना संक्रमण का इतना प्रकोप था और न ही इतनी तादात में मरीज मिले रहे थे।
कटनी की बात करें तो जिले में पहला केस मई के महीने में सामने आया था। इसके बाद जिले में कोरोना संक्रमण ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि अभी तक जारी है। जुलाई में 143 केस मिलने के बाद अगस्त और सितंबर के महीने में कोरोना संक्रमण का प्रकोप लगातारी जारी रहा। इस दौरान जिले में मौतों का ग्राफ भी लगातार बढ़ता रहा।
जागरूकता अभियान के बाद भी दिखा रहे उदासीनता
कोरोना संक्रमण को लेकर सरकार के साथ ही सामाजिक संगठनों और स्थानीय स्तर पर प्रशासन और पुलिस द्वारा लोगों को लगातार जागरूक करने के बावजूद लोगों द्वारा इस महामारी को लेकर लगातार उदासीन रवैया अपनाया जा रहा है। दीवाली की खरीददारी के दौरान बाजार में उमड़ी लोगों की भीड़ यह बताने के लिए काफी है कि लोगों में अब कोरोना संक्रमण का बिल्कुल भी खौफ नहीं रहा।
इस दौरान सरकार की गाइडलाइन का रत्ती भर भी पालन नहीं हुआ। धनतेरस और दीवाली के दिन शहर के मुख्य चौराहों में घंटों जाम की स्थिति बनी रही। कोरोना संक्रमण का कहर झेलने के बावजूद लोगों से इस तरह की बेपरवाही की उम्मीद नहीं की जा सकती।
पिछले 10 दिनों में जिले में मिले कोरोना मरीज
तारीख      24 घंटे में मिले मरीज    कुल मरीजों की संख्या
  • 09 नवंबर     03 1788
  • 10 नवंबर       02 1790
  • 11 नवंबर       07 1797
  • 12 नवंबर       07 1804
  • 13 नवंबर       03 1807
  • 14 नवंबर     06 1813
  • 15 नवंबर     05 1818
  • 16 नवंबर     04 1822
  • 17 नवंबर       05 1827
  • 18 नवंबर       05 1832
कुल   47 —–
अब तक डिस्चार्ज किए गए मरीजों की संख्या – 1779