Katni : अवैध कॉलोनी में क्यों डाली जा रही सीवर लाइन

कटनी। शहर में एक दर्जन से अधिक कॉलोनियां ऐसी है, जिसे नगर निगम अवैध कॉलोनी मानता है। इन कॉलोनियों को वैध करने के शासन के निर्देशों के बाद भी इन कॉलोनियों के माथे पर अभी भी अवैध कॉलोनी का दाग लगा हुआ है। इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों से नगर निगम हर साल हजारों रूपए टैक्स के रूप में वसूल भी कर रहा है लेकिन जब इन क्षेत्रों में विकास कार्यों की बात आती है तो जनप्रतिनिधियों से लेकर नगर निगम के अधिकारी यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं कि यह अवैध कॉलोनी है, इसलिए विकास कार्य नहीं कराए जा सकते। निगम प्रशासन वैसे तो इन कॉलोनियों को अवैध मानकर यहां विकास कार्य नहीं करा रहा है,
लेकिन इन्हीं कॉलोनियों में सीवर लाइन डालने का काम जरूर चल रहा है। इन अवैध कॉलोनियों में न तो सड़क बनी है और न ही नाली। लोगों का नगर निगम के अधिकारियों से सीधा सवाल है कि जब नाली नहीं बनी है, तो सीवर लाइन डालने का क्या औचित्य है। घरों से निकलने वाला गंदा पानी नाली की बजाए सड़कों पर बह रहा है, तो करोड़ों रूपए सीवर लाइन के नाम पर क्यों बर्बाद किए जा रहे हैं।
20 साल से वैध नहीं हुई बालाजी नगर कॉलोनी
इंदिरा गांधी वार्ड के अंतर्गत बालाजी नगर कॉलोनी को अस्तित्व में आए करीब बीस सालों का लंबा अरसा बीत गया। इस दौरान इस क्षेत्र से चार पार्षद चुनकर नगर निगम पहुंचे लेकिन किसी भी पार्षद ने बालाजी नगर को वैध कॉलोनी का दर्जा दिलाने के लिए पहल नहीं की। यही कारण है कि शहर से लगा यह इलाका किसी गांव खेड़े से कम नहीं लगता। विकास के नाम पर यहां आज तक एक रूपए का भी काम नहीं कराया गया है।
राज्य सरकार के निर्देशों के बाद भी इस कॉलोनी को अब तक वैध कॉलोनी का दर्जा नहीं दिया गया है। अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए नगर निगम के अधिकारियों ने भी कभी रूचि नहीं ली। जिसके चलते इस क्षेत्र के वाशिन्दे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब यहां पर सीवर लाइन डाली जा रही है। क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि जब यहां पर नाली ही नहीं बनी है तो सीवर लाइन डालने का क्या औचित्य है।








