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Jabalpur Metro Bus: सार्वजनिक परिवहन सेवा हुई बहाल, 26 दिन बाद जबलपुर की सड़कों पर फिर दौड़ी मेट्रो बसें

Jabalpur Metro Bus: सार्वजनिक परिवहन सेवा हुई बहाल, 26 दिन बाद जबलपुर की सड़कों पर फिर दौड़ी मेट्रो बसें । शहर की ‘लाइफ लाइन’ कहे जाने वाली मेट्रो बसें मंगलवार से फिर सड़कों पर दौड़ती नजर आईं।

हालांकि पहले दिन 70 में से 30 से 35 बसें ही संचालित की गईं, क्योंकि न्यायालय में चल रहे प्रकरण के चलते ज्यादातर मेट्रो बस चालक-परिचालक अवकाश पर चले गए थे। नागरिकों को मेट्रो बसों के पुन: संचालन होने की जानकारी न मिलने पर अधिकांश रूटों पर संचालित बसों में यात्रियों की संख्या भी बेहद कम नजर आईं।

 

बहरहाल सार्वजनिक परिवहन सेवा बहाल हो जाने से नागरिकों को खासकर मेट्रो बसों से रोजाना सफर करने वाले स्कूल, कालेज के विद्यार्थी, दफ्तर व कामकाज के सिलसिले में आने-जाने वालों ने राहत की सांस ली है। कहा जा रहा है कि बुधवार से फिर मेट्रो बसें पहले की तरफ यात्रियों से भरी नजर आने लगेगी।

मेट्रो बसों का संचालन पूर्व निर्धारित सभी 14 रूटों पर किया जाएगा। जिसमें शहर के अलावा पनागर, भेड़ाघाट, बरेला सहित बरगी, शहपुरा भी शामिल है। दरअसल न्यायालय में मेट्रो बसों के संचालन को लेकर लगाई गई याचिका पर फिलहाल जबलपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (जेसीटीएसएल) को स्टे मिल गया है। आगामी निर्णय तक बसों का संचालन पूर्ववत होता रहेगा। विदित हो कि नगर निगम के अधीन जेसीटीएसएल द्वारा संचालित की जा रही मेट्रो बसों को नगर निगम सीमा यानी 25 किमी के दायरे से बाहर चलाए जाने का मामला न्यायालय में चल रहा था, न्यायालय की अवमानना न हो इसलिए नगर निगम ने 12 अक्टूबर 2023 से बसों के संचालन पर रोक लगा दी थी।

 

आटो, ई-रिक्शा की मनमानियों से मिलेगी निजात

मेट्रो बसों का पुन: संचालन शुरू होने से अब नागरिक पहले की तरह सुरक्षित व सस्ता सफर कर सकेंगे। खासतौर से वे स्कूली छात्राएं जो 10 से 20 किमी दूर सुहागी, पनागर व अन्य क्षेत्रों से मेट्रो बसों के माध्यम से शहर के एलएलबी, माडल सहित अन्य स्कूल आती और वापसा जाती थी, मेट्रो बसें न चलने से आटो, ई-रिक्शा में असुरक्षा की भावना से सफर करने मजबूर थी। विदित हो कि मेट्रो बसें न चलने से आटो, ई-रिक्शा चालक मनमाना किराया वसूलते थे मेट्रो में जहां 10 रुपये लगते थे आटो वाले 30 रुपये तक वसूल लेते थे।

रोजाना 10 हजार यात्री करते हैं सफर

अमृत योजना से मिली 55 नई मेट्रो के अलावा पुरानी 20 बसों का भी संचालन किया जा रहा था। जेसीटीएसएल के मुताबिक मेट्रो बसों से रोजाना करीब 10 हजार से ज्यादा नागरिक सफर करते हैं। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों से होकर चलने वाली बसों में आधी आबादी सफर करती है। सभी 14 रूट एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

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