दशकों लग जाएंगे अदालत में… सुप्रीम कोर्ट ने संजय कपूर परिवार को दी आपसी समझौते की सलाह, पूर्व CJI करेंगे मध्यस्थता; जानें क्या है पूरा विवाद?
दशकों लग जाएंगे अदालत में… सुप्रीम कोर्ट ने संजय कपूर परिवार को दी आपसी समझौते की सलाह, पूर्व CJI करेंगे मध्यस्थता; जानें क्या है पूरा विवाद?। सोना ग्रुप के दिवंगत मालिक संजय कपूर की मौत के बाद शुरू हुआ ‘वॉर ऑफ सक्सेशन’ (उत्तराधिकार की जंग) अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। करोड़ों की संपत्ति, फैमिली ट्रस्ट और मान-सम्मान की इस कानूनी लड़ाई को सुलझाने की जिम्मेदारी अब देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी.वाई. चंद्रचूड़ के कंधों पर है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इस हाई-प्रोफाइल मामले में मध्यस्थ (Mediator) नियुक्त किया है।
दशकों लग जाएंगे अदालत में… सुप्रीम कोर्ट ने संजय कपूर परिवार को दी आपसी समझौते की सलाह, पूर्व CJI करेंगे मध्यस्थता; जानें क्या है पूरा विवाद?
बेटे के कातिलों को फांसी नहीं, उम्रकैद दो ताकि वो रोज तड़पें”-शुभेंदु के PA की मां की पुकार
कोर्ट ने क्यों लिया यह फैसला?
जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि यदि यह विवाद अदालतों की फाइलों में ही दबा रहा, तो इसे सुलझने में कई दशक लग सकते हैं। अदालत ने कहा कि परिवार की गरिमा और संपत्ति के संरक्षण के लिए आपसी बातचीत ही सबसे बेहतर रास्ता है। सभी पक्षों ने पूर्व CJI चंद्रचूड़ की मध्यस्थता पर अपनी सहमति दे दी है।
मीडिया और सोशल मीडिया पर सेंसरशिप
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी पक्षों को सख्त निर्देश दिए हैं:
-
अब इस विवाद से जुड़ी कोई भी जानकारी मीडिया में लीक नहीं की जाएगी।
-
कोई भी पक्ष सोशल मीडिया पर इस मामले से जुड़ी टिप्पणी या पोस्ट नहीं करेगा। अदालत ने साफ किया कि अगली सुनवाई अगस्त में होगी, तब तक मध्यस्थता की प्रक्रिया को गोपनीय रखा जाए।
विवाद की जड़: क्या है आरोप-प्रत्यारोप?
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब संजय कपूर की मां रानी कपूर ने फैमिली ट्रस्ट को रद्द करने की मांग करते हुए याचिका दायर की।
- रानी कपूर का आरोप: उनके बीमार होने का फायदा उठाकर धोखे से खाली दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए और 2017 में संपत्तियों को अवैध रूप से ट्रस्ट में ट्रांसफर कर दिया गया।
- प्रिया कपूर का रुख: संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है और परिवार के सदस्यों के खिलाफ मानहानि का मामला भी दायर किया है।
- करिश्मा कपूर का एंगल: अभिनेत्री करिश्मा कपूर ने भी अपने बच्चों (समायरा और कियान) की ओर से उत्तराधिकार का दावा पेश किया है, जिससे यह मामला और भी पेचीदा हो गया है।
संपत्तियों पर ‘यथास्थिति’ (Status Quo)
रानी कपूर ने अदालत से मांग की है कि जब तक विवाद सुलझ नहीं जाता, तब तक किसी भी संपत्ति की बिक्री या ट्रांसफर पर रोक लगाई जाए। उनका दावा है कि वह अपने पति डॉ. सुरिंदर कपूर की पूरी संपत्ति की इकलौती कानूनी वारिस हैं।

