ब्रिक्स समिट में आतंकवाद पर भारत का कड़ा रुख: ‘पहलगाम हमले’ की सर्वसम्मति से निंदा, विदेश मंत्री जयशंकर बोले- ‘डबल स्टैंडर्ड स्वीकार नहीं’
ब्रिक्स समिट में आतंकवाद पर भारत का कड़ा रुख: ‘पहलगाम हमले’ की सर्वसम्मति से निंदा, विदेश मंत्री जयशंकर बोले- ‘डबल स्टैंडर्ड स्वीकार नहीं’
नई दिल्ली। नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर अपना रुख बेहद मजबूती से रखा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन के दौरान आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और व्यापक सहमति बनी है। सभी ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद के हर रूप और अभिव्यक्ति की पुरजोर निंदा की तथा 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले को पूरी तरह अस्वीकार्य माना है।
आतंकवाद पर BRICS का स्पष्ट संदेश
विदेश मंत्री एस. जयशंकर के मुताबिक, आतंकवाद के खिलाफ भारत की कूटनीति रंग लाई है और समूह ने निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर सहमति जताई:
जीरो टॉलरेंस की नीति: BRICS देशों ने आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) रुख अपनाने पर जोर दिया है।
कोई दोहरा मापदंड नहीं: आतंकवाद से मुकाबले में किसी भी तरह के दोहरे रवैये (Double Standards) को पूरी तरह खारिज किया गया।
सीमा पार आतंकवाद: जयशंकर ने खास तौर पर ‘क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म’ (सीमा पार आतंकवाद) का जिक्र किया और कहा कि किसी भी आतंकवादी कार्रवाई को आपराधिक माना जाएगा।
भारत की बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि
विदेश मंत्री ने इस शिखर सम्मेलन की सफलता को भारत के लिए एक बड़ी वैश्विक और कूटनीतिक कामयाबी करार दिया:
विवरण
आंकड़े / स्थिति
कुल शामिल डेलीगेशन
32 (सदस्य, पार्टनर देश व अंतरराष्ट्रीय संगठन)
सदस्य देश
11
पार्टनर देश
10
क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय संगठन
11 (4 क्षेत्रीय + 7 अंतरराष्ट्रीय)
जयशंकर ने रेखांकित किया कि वैश्विक स्तर पर चल रहे दो बड़े संघर्षों और वैचारिक मतभेदों के बावजूद, भारत की अध्यक्षता में BRICS देशों के बीच मिडिल ईस्ट (वेस्ट एशिया) संघर्ष जैसे सबसे कठिन मुद्दों पर भी सहमति बनाने में सफलता मिली है।