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होर्मुज संकट पर भारत का बड़ा बयान: नागरिकों और जहाजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, 2337 नाविक सुरक्षित लौटे

भारत को LPG आपूर्ति में बड़ी राहत: 94,000 टन LPG जहाजों से आ रहा

भारत को LPG आपूर्ति में बड़ी राहत: 94,000 टन LPG जहाजों से आ रहा

होर्मुज संकट पर भारत का बड़ा बयान: नागरिकों और जहाजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, 2337 नाविक सुरक्षित लौटे। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारतीय नागरिकों और समुद्री जहाजों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न देशों से तेल आयात कर रहा है। उन्होंने कहा कि 1.4 अरब आबादी की ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फैसले लिए जा रहे हैं। साथ ही होर्मुज क्षेत्र में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए कई देशों से कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी है।

होर्मुज में फंसे जहाजों पर अपडेट

सरकार के अनुसार, फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद भारतीय जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। समुद्री मार्ग को सुरक्षित बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग लिया जा रहा है, ताकि जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सके।

 सभी भारतीय नाविक सुरक्षित

पोत परिवहन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने जानकारी दी कि फारस की खाड़ी में मौजूद सभी भारतीय नाविक फिलहाल सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज से जुड़ी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है।

 2337 नाविकों की सुरक्षित वापसी

सरकार ने बताया कि महानिदेशालय शिपिंग के माध्यम से अब तक 2,337 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। इनमें से 75 नाविकों की वापसी पिछले 24 घंटों में हुई है, जो तेज़ी से चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन को दर्शाता है।

 बंदरगाहों पर स्थिति सामान्य

सरकार के मुताबिक देश के सभी बंदरगाहों पर कामकाज पूरी तरह सामान्य है। कहीं भी भीड़भाड़ या किसी तरह की बाधा की कोई रिपोर्ट नहीं है, जिससे साफ है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के बावजूद भारत की समुद्री व्यवस्था मजबूत बनी हुई है।

ऊर्जा आपूर्ति पर नहीं पड़ेगा असर

सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देश में ईंधन संकट की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी। वैकल्पिक स्रोतों से तेल खरीदने की रणनीति अपनाई जा रही है, ताकि आपूर्ति सुचारू बनी रहे। वैश्विक हालात को देखते हुए भारत संतुलित और सतर्क रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है।

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