Indian Railway: रेलवे में हलाल सर्टिफिकेट की कोई ज़रूरत नहीं – रेल मंत्री ने वायरल दावों पर तोड़ी चुप्पी

ashwini vaishnav

Indian Railway: रेलवे में हलाल सर्टिफिकेट की कोई ज़रूरत नहीं – रेल मंत्री ने वायरल दावों पर तोड़ी चुप्पी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर चल रहे वायरल दावों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कर दिया कि भारतीय रेलवे या IRCTC की ओर से हलाल सर्टिफिकेट की कोई मांग नहीं की जाती।

Indian Railway: रेलवे में हलाल सर्टिफिकेट की कोई ज़रूरत नहीं – रेल मंत्री ने वायरल दावों पर तोड़ी चुप्पी

रेलवे केवल FSSAI के मानकों के अनुसार ही भोजन परोसता है और ​हलाल सर्टिफिकेशन से रेलवे का कोई संबंध नहीं है।

क्या था वायरल दावा?

साल 2023 के कुछ पुराने वीडियो फिर से वायरल हो रहे थे, जिनमें दावा किया गया कि रेलवे ने कैटरिंग स्टाफ और वेंडर्स से हलाल सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य कर दिया है। इन्हीं दावों पर स्पष्टीकरण देते हुए रेल मंत्री ने स्थिति स्पष्ट की।

रेल मंत्री का साफ बयान

अश्विनी वैष्णव ने कहा—

“रेलवे के किसी नियम में हलाल सर्टिफिकेट की कोई आवश्यकता नहीं है।”

“IRCTC सिर्फ वही भोजन परोसता है जो FSSAI के नियमों को पूरा करता है।”

“वायरल वीडियो पुराने हैं, और चाय पैकेट पर हलाल लिखा दिखाया गया है — उसकी भी जांच की जाएगी।”

नॉन-वेज भोजन पर भी आया था सवाल

2023 में रेलवे के नॉन-वेज भोजन (खासकर चिकन) को लेकर सवाल उठे थे कि ट्रेनों में हलाल मीट ही परोसा जाता है। तब भी IRCTC ने कहा था कि:

नॉन-वेज फूड Food Safety and Standards Act, 2006 के मानकों के अनुसार तैयार और परोसा जाता है।

रेलवे की ओर से मीट को ‘हलाल’ या किसी अन्य तरीके से सर्टिफाइड करने की कोई अनिवार्यता नहीं है।

रेलवे का फोकस — सिर्फ गुणवत्ता और सुरक्षा

भारतीय रेलवे और IRCTC भोजन की गुणवत्ता व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केवल FSSAI के नियमों का पालन करते हैं।
न ही हलाल, न ही किसी अन्य धार्मिक सर्टिफिकेशन का रेलवे से कोई लेना-देना है।

Indian Railway: रेलवे में हलाल सर्टिफिकेट की कोई ज़रूरत नहीं – रेल मंत्री ने वायरल दावों पर तोड़ी चुप्पी