भारत-न्यूजीलैंड FTA: 27 अप्रैल को ऐतिहासिक समझौता, व्यापार और रोजगार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
भारत-न्यूजीलैंड FTA: 27 अप्रैल को ऐतिहासिक समझौता, व्यापार और रोजगार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा। भारत की अर्थव्यवस्था के लिए 27 अप्रैल का दिन अहम माना जा रहा है, जब दिल्ली के भारत मंडपम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच एक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर होंगे। इस समझौते पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले मुहर लगाएंगे।
भारत-न्यूजीलैंड FTA: 27 अप्रैल को ऐतिहासिक समझौता, व्यापार और रोजगार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
क्या है इस डील का महत्व?
यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर:
- उपभोक्ताओं की कीमतों
- किसानों की सुरक्षा
- युवाओं के रोजगार
- और एक्सपोर्ट सेक्टर पर पड़ेगा
कई विदेशी उत्पाद हो सकते हैं सस्ते
FTA लागू होने के बाद न्यूजीलैंड से आने वाले कई उत्पादों पर:
- आयात शुल्क में भारी कमी
- कुछ वस्तुओं पर लगभग जीरो ड्यूटी
इससे भारत में:
- एवोकाडो, ब्लूबेरी जैसे फल
- ऊन, लकड़ी, कोयला
- और कुछ मांस व फॉरेस्ट उत्पाद
सस्ते हो सकते हैं।
किसानों के हितों की सुरक्षा
सरकार ने घरेलू कृषि क्षेत्र को बचाने के लिए:
- डेयरी उत्पाद (दूध, पनीर, दही, क्रीम) को बाहर रखा
- प्याज, चीनी, तेल, मसाले और रबर को भी सुरक्षा दी, यानी भारतीय किसानों पर सीधा दबाव नहीं पड़ेगा।
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
इस समझौते में भारत के युवाओं के लिए बड़ा अवसर है:
- न्यूजीलैंड हर साल 5,000 वर्क वीजा देगा
- भारतीय प्रोफेशनल्स को 3 साल तक काम करने का मौका मिलेगा
- IT और सर्विस सेक्टर के लिए नए रास्ते खुलेंगे
व्यापार और निवेश में तेज़ी की उम्मीद
- मौजूदा व्यापार: लगभग 2.4 अरब डॉलर
- लक्ष्य: अगले 5 वर्षों में 5 अरब डॉलर
- अगले 15 वर्षों में करीब 20 अरब डॉलर निवेश का अनुमान
भारत–न्यूजीलैंड FTA को एक महत्वपूर्ण आर्थिक कदम माना जा रहा है, जो एक तरफ उपभोक्ताओं के लिए राहत ला सकता है, तो दूसरी तरफ भारत के एक्सपोर्ट और रोजगार के अवसरों को भी मजबूत करेगा।

