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भारत ने रूस को पीछे छोड़ा, अंगोला से तेल आयात बढ़ाकर बनाया तीसरा सबसे बड़ा सप्लायर

भारत ने रूस को पीछे छोड़ा, अंगोला से तेल आयात बढ़ाकर बनाया तीसरा सबसे बड़ा सप्लायर

भारत ने रूस को पीछे छोड़ा, अंगोला से तेल आयात बढ़ाकर बनाया तीसरा सबसे बड़ा सप्लायर, दुनियाभर में बढ़ते तनाव, टैरिफ और रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत ने अपनी तेल खरीद की रणनीति बदलते हुए अंगोला से कच्चे तेल का आयात बढ़ा दिया है। हाल ही में भारत ने अंगोला से करीब 20 लाख बैरल तेल खरीदा, जिससे मार्च 2026 में यह देश भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर बन गया।

भारत ने रूस को पीछे छोड़ा, अंगोला से तेल आयात बढ़ाकर बनाया तीसरा सबसे बड़ा सप्लायर

आयात में बदलाव की वजह
भारत अब सिर्फ एक देश पर निर्भर नहीं रहना चाहता। रूस पर निर्भरता घटाने के लिए भारत ने अफ्रीका के देशों के अलावा अबू धाबी, ब्राजील जैसे देशों से भी तेल खरीद बढ़ाई है। इंडियन ऑयल कार्पोरेशन ने ExxonMobil के माध्यम से अंगोला से हंगो और क्लोव ग्रेड के 10-10 लाख बैरल तेल खरीदे।

अंगोला की अहमियत
अंगोला अफ्रीका का दूसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है, जहां रोजाना करीब 11 लाख बैरल तेल निकलता है और कुल भंडार लगभग 7.78 अरब बैरल है। भारत के लिए यह देश अब महत्वपूर्ण सप्लायर बन गया है।

आयात आंकड़े
मार्च 2026 में अंगोला से आयात 103 हजार बैरल से बढ़कर 327 हजार बैरल पहुंच गया। रूस से आयात 1,042 से बढ़कर 1,975 हजार बैरल हुआ, जबकि इराक और सऊदी अरब से आयात में कमी आई। कुल आयात फरवरी में 5,202 हजार बैरल था, जो मार्च में 4,439 हजार बैरल रह गया।

भारत-अंगोला के संबंध
भारत और अंगोला के संबंध 41 साल पुराने हैं। 1985 में औपचारिक संबंध बने और 2002 के बाद व्यापार तेजी से बढ़ा। आज भारत अंगोला का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच व्यापार का करीब 10% हिस्सा है।

 

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