बाबा हरिदास के बंगले में चल रही भागवत कथा में भगवान की लीलाओं से गूंजा पंडाल, सुनाया गोवर्धन पूजा प्रसंग
बाबा हरिदास के बंगले में चल रही भागवत कथा में भगवान की लीलाओं से गूंजा पंडाल, सुनाया गोवर्धन पूजा प्रसं
रीठी- ग्राम खम्हरिया नं.1 में पूज्य बाबा हरिदास जी के बंगले में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथाव्यास परम पूज्य गुरुदेव श्री जगदेव बड़गैंया जी ने गोवर्धन लीला के साथ भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का प्रसंग सुनाया। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन सुनकर मंत्रमुग्ध हो गए। भागवत कथा में पांचवें दिन आचार्य कमलेश ने गोवर्धन लीला के साथ भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का प्रसंग सुनाया। इस दौरान भगवान के जन्मोत्सव, उनके नामकरण पूतना वध और इंद्र के अभिमान दमन के साथ माखनचोरी की लीलाओं का वर्णन सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। कथावाचक पूज्य बड़गैंया जी ने कहा भगवान ने अपनी लीलाओं से जहां कंस के भेजे विभिन्न राक्षसों का संहार किया, वहीं ब्रज के लोगों को आनंद प्रदान किया। कथा के दौरान भगवान गिरिराज पर्वत को उठाते हुए सुंदर झांकी सजाई गई। इस दौरान भजनों पर श्रद्धालु देर तक नाचते रहे। कथावाचक ने कहा कि इंद्र को अपनी सत्ता और शक्ति पर घमंड हो गया था। उसका गर्व दूर करने के लिए भगवान ने ब्रज मंडल में इंद्र की पूजा बंद कर गोवर्धन की पूजा शुरू करा दी। इससे गुस्साए इंद्र ने ब्रजमंडल पर भारी बरसात कराई। प्रलय से लोगों को बचाने के लिए भगवान ने कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया। सात दिनों के बाद इंद्र को अपनी भूल का एहसास हुआ। इस मौके पर गोवर्धन लीला की झांकी भी सजाई गई। कथा के दौरान गोवर्धन पूजन का उत्सव उल्लास के साथ मनाया गया। संगीतमय कथा के दौरान भजनों पर पांडाल में उपस्थित श्रद्धालु भजनाें पर नाचते रहे। इस अवसर पर ग्राम के पूर्व सरपंच उदयभान यादव, संतकुमार यादव, चंद्रभान यादव, सुक्खी लाल यादव, कैलाश यादव, इंद्रकुमार यादव, राजेन्द्र यादव, अशोक यादव, पुरषोत्तम यादव, प्रीतम यादव, शेसकुमार यादव, अनिल यादव, नीरज यादव, शिवप्रसाद यादव सहित ग्रामवासियों की उपस्थिति रही।