जेल में बंद विचाराधीन बंदी ने लगाया मारपीट और रिश्वत मांगने का आरोप, जिला अस्पताल में कराया गया चिकित्सकीय परीक्षण
जेल में बंद विचाराधीन बंदी ने लगाया मारपीट और रिश्वत मांगने का आरोप, जिला अस्पताल में कराया गया चिकित्सकीय परीक्ष
कटनी। मल्लापुरम गोल्ड लोन डकैती प्रकरण में आरोपी एवं वर्तमान में जिला जेल में निरुद्ध विचाराधीन बंदी गोलू राय, निवासी फुलवारी शरीफ (बिहार), ने जेल एवं पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार 3 जून को उसे चिकित्सकीय परीक्षण (मुलाहिजा) के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां उसने कथित रूप से मारपीट और रिश्वत मांगने के आरोप लगाए।
जानकारी के अनुसार गोलू राय ने आरोप लगाया कि प्रधान आरक्षक राजभान दुबे द्वारा उससे 20 हजार रुपये की मांग की गई थी। बंदी का आरोप है कि मांग पूरी नहीं करने पर उसके साथ मारपीट की गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
बंदी ने यह भी आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान उसके बयान दर्ज नहीं होने दिए गए। उसने दावा किया कि इस दौरान जेल कर्मियों एवं कोतवाली थाना के कुछ पुलिसकर्मी मौजूद थे।
दूसरी ओर, समाचार लिखे जाने तक जेल प्रशासन और संबंधित पुलिस अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। यदि संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
गौरतलब है कि गोलू राय मल्लापुरम गोल्ड लोन डकैती मामले में आरोपी है और वर्तमान में जिला जेल में विचाराधीन बंदी के रूप में निरुद्ध है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच और संबंधित अधिकारियों के स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।उपशीर्षक:
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