मध्यप्रदेश

Humanity: बोरवेल में गिरी 18 माह की बच्ची, 14 साल का पड़ोसी रस्सी से उल्टा लटका कर फिल्मी स्टाइल से बचाई जान

Shivpuri News: शिवपुरी (खनियाधाना)।नवरात्र के दिनों में इसे चमत्कार ही कहिएगा। खनियांधाना के ग्राम देवरी में दोपहर में खेलते हुए 18 माह की बच्ची बोरवेल में गिर गई।

ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन को खबर देने से पहले ही उसे बचाने के प्रयास करना शुरू कर दिया। बच्ची की आवाज आ रही थी। इसलिए ग्रामीणों का अनुमान था कि बच्ची ज्यादा नीचे नहीं गई है।

पड़ोस के रहने वाले 14 वर्षीय लड़के ने साहस दिखाया। स्वजनों और ग्रामीणों ने उसके पैर में रस्सी बांधकर बोरवेल में उल्टा उतारा। ग्रामीणों को कहना है कि लगभग15 फीट अंदर जाने पर उसे बच्ची मिल गई और वह उसे सकुशल बाहर निकाल लाया। एक दिन पहले ही 9 इंची व्यास का 160 फीट गहरा बोर कराया गया था।

यह शुरुआत में लगभग एक फुट चौड़ा था, इसलिए कुछ दूरी तक बच्चे को नीचे उतारने का जोखिम उठाया।

घटना के अननुसार देवरी गांव में एक दि पहले ही बोर कराया गया था। उसमें अभी पाइप नहीं डले थे, बोर लगभग 160 फीट गहरा था। सुरक्षा के लिए इसे तस्सल से ढंक दिया गया था। शनिवार को किसी ने बोरिंग के मुंह पर लगाया गया तस्सल हटा दिया। पड़ोसी सोरभ लोधी ने बताया कि सुबह बच्ची के दादा उसे हटाकर कपड़ा लगाकर दोबारा ढंकने का प्रयास कर रहे थे। उस समय संस्कृति पुत्री धर्मेंद्र उम्र डेढ़ साल घर के पास खेल रही थी। दादा का ध्यान बंटा तभी खेलते हुए संस्कृति उसमें गिर गई। उस समय सभी ग्रामीण आसपास ही थे। बच्ची की रोने के आवाज सुन अंदाजा लगाया कि बच्ची ज्यादा गहराई परनहीं गई है।

आसपास के बुजुर्गों ने कहा कि प्रशासन को बुलाने से अच्छा है कि खुद ही प्रयास कर बच्ची को निकालें। बोरिंग में अंधेरा था और बच्ची दिखाई नहीं दे रही थी। इसके बाद पास में ही रहने वाले हेमंत उम्र 14 साल के पैर में रस्सी बांधी और बोरिंग के अंदर उतार दिया। उसे बच्ची दिखाई थी तो आशा जग गई वह बच्ची तक पहुंचा और उसे खींच लाया। सौरभ लोधी ने बताया कि 9 इंच का बोर कराया गया था, जो कि शुरुआत में लगभग एक फिट चौड़ा था, इसलिए उसमें छोटे बच्चे के जाने की गुंजाइश थी। इसी लिए सभी ने मिलकर हेमंत को रस्सी बांधी और नीचे उतारा। दोनों सुरक्षित थे तो प्रशासन या पुलिस को इसकी खबर भी नहीं की।

 

पुलिस-प्रशासन से कोई नहीं पहुंचा: स्वजनों और गांववालों ने तुरंत ही सक्रियता दिखाते हुए बच्ची को सुरक्षित निकाल लिया, क्योंकि यदि थोड़ी भी देर हो जाती तो बच्ची को बचाना मुश्किल हो जाता क्योंकि बोरवेल 160 फीट गहरा था और बच्ची 15 फीट से कम पर ही अटकी थी। यदि बच्ची थोड़ी हलचल करती तो वह और नीचे जा सकती थी। उधर संबंधित पुलिस थाने से जब बात की गई उन्होंने घटना से अनभिज्ञता जताई।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम