इंदौर। हनी ट्रैप मामले में शुक्रवार को जिला कोर्ट में सुनवाई हुई। हाई कोर्ट के स्टे के चलते आरोपितों को एसआइटी द्वारा जब्त सीडी, पैन ड्राइव की कॉपी नहीं मिल सकी। कोर्ट अब मामले में दो सप्ताह बाद सुनवाई करेगी।
गौरतलब है कि सितंबर 2019 में नगर निगम के तत्कालीन सिटी इंजीनियर हरभजनसिंह की शिकायत पर पुलिस ने हनी ट्रैप मामले में शिकायत दर्ज की थी। हरभजनसिंह का कहना था कि कुछ महिलाएं अश्लील वीडियो के नाम पर उसे ब्लेकमेल कर रही हैं। ये महिलाएं तीन करोड़ रुपये मांग रही हैं। पुलिस ने ब्लैकमेल कर रही इन महिलाओं को गिरफ्तार कर केस दर्ज किया। इसके बाद से आरोपित जेल में हैं। हनी ट्रैप को लेकर हाई कोर्ट में भी याचिकाएं दायर हुई थीं। इसी मामले में दायर एक जनहित याचिका में कोर्ट ने करीब सवा साल पहले इलेक्ट्रानिक सबूत यानी सीडी और पैन ड्राइव इत्यादि को जांच के लिए हैदराबाद स्थित फॉरेंसिक लैब भेजा था। इन दस्तावेजों की जांच रिपोर्ट में ये दस्तावेज सही पाए गए हैं।
हालांकि अब तक रिपोर्ट कोर्ट में पेश नहीं हुई है। चार दिसंबर को विशेष न्यायालय ने एसआइटी को आदेश दिया था कि वह सात दिन के भीतर सीडी, पैन ड्राइव और अन्य दस्तावेजों की कॉपी आरोपितों को उपलब्ध करवाए। इस आदेश को चुनौती देते हुए एसआइटी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। हाई कोर्ट विशेष न्यायालय के आदेश पर रोक लगा चुकी है। जिला अभियोजन अधिकारी मो. अकरम शेख ने बताया कि एसआइटी की तरफ से हैदराबाद से मिली रिपोर्ट अभी कोर्ट में प्रस्तुत नहीं की जा सकी है। मामले में अब 14 दिन बाद सुनवाई होगी।

