Thursday, May 21, 2026
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Holika Dahan -होली दहन का शुभ मुहूर्त, दोपहर में रहेगी भद्रा

कटनी । Holika Dahan होलिका दहन का शुभ मुहूर्त प्रदोष काल से मध्यरात्रि से कुछ समय पूर्व तक है। प्रदोष काल सूर्यास्त 6.42 बजे से लेकर निशामुख रात्रि 11 बजकर 26 मिनट तक है। होलिका दहन के दिन सुबह 6.08 मिनट से लेकर दोपहर 12.32 बजे तक भद्रा है। भद्रा को विघ्नकारक माना गया है।जानकार पंडितों के अनुसार  भद्रा में होलिका दहन करने से हानि और अशुभ फल मिलते हैं। यही कारण है कि भद्रा में होलिका दहन नहीं किया जाता है।

जिलेभर में होगा दहन

जिले में लगभग एक हजार स्थानों पर होलिका दहन का अनुमान है। जिला मुख्यालय में लगभग 100 स्थानों पर होलिका दहन होगा। इसी तरह जिले के कस्बाई क्षेत्रों  में भी कई स्थानों पर होली दहन का अनुमान है।

ग्रामीण क्षेत्रों में दो से तीन जगह होली जलाई जाएगी। इस तरह पूरे जिले में लगभग एक हजार स्थानों पर होलिका दहन होगा। होलिका दहन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को भी तैनात किया जाएगा। साथ ही त्योहार में शांति बनी रहे, इसके लिए जिलेभर में शांति समिति की बैठकों का आयोजन भी किया जा रहा है।

नकारात्मकता होगी नष्ट

जानकारों ने बताया कि हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, हर वर्ष फाल्गुन मास की पूर्णिमा की रात्रि ही होलिका दहन किया जाता है। होली का त्योहार इस वर्ष 10 मार्च दिन मंगलवार को मनाया जाएगा। इससे एक दिन पूर्व रात्रि में होलिका दहन होगा, जिसमें नकारात्मकता नष्ट हो जाएगी और सकारात्मक ऊर्जा चारों ओर फैल जाएगी।

इसके पश्चात मांगलिक कार्य भी प्रांरभ हो जाएंगे। होली से आठ दिन पूर्व तक भक्त प्रह्लाद को अनेक यातनाएं दी गई थीं, जिसके कारण इस समय काल को होलाष्टक कहा जाता है। होलाष्टक में नकारात्मकता अपने चरम पर होती है, इसलिए कोई मांगलिक कार्य नहीं होते हैं।

जबरन न डालें रंग

प्रशासन ने होली के त्योहार को मर्यादित ढंग से मनाने का आग्रह लोगों से किया है।अधिकारियों ने कहा है कि त्योहार को इस तरह मनाएं कि सभी को खुशियां मिलें, न कि किसी को तकलीफ हो। उन्होंने कहा कि न तो किसी पर जबरन रंग डालें और न ही किसी से जबरन चंदा उगाहें। सभी लोग मिल-जुलकर त्योहार मनाएं। कल थानों में Police ने आम लोगों से मिलजुलकर शांतिपूर्वक त्योहार मनाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिलेभर में सुरक्षा व्यवस्था लगाई गई है।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम