ईरान नाम सुनकर फ्लावर समझे क्या… फायर है फायर’: राष्ट्रपति पेज़ेशकियान बोले- 48 घंटे में कब्जे की साजिश करने वाले कान खोलकर सुन लें ‘ना झुकेंगे, ना रुकेंगे

ईरान नाम सुनकर फ्लावर समझे क्या… फायर है फायर’: राष्ट्रपति पेज़ेशकियान बोले- 48 घंटे में कब्जे की साजिश करने वाले कान खोलकर सुन लें ‘ना झुकेंगे, ना रुकेंगे

तेहरान: “ईरान नाम सुनकर फ्लावर समझे क्या… फायर है फायर” – मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव और युद्ध के मुहाने पर खड़े ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान का यह कड़ा और आक्रामक रुख अब पूरी दुनिया के सामने है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ‘सरेंडर’ करने की मांग को सिरे से खारिज करते हुए पेज़ेशकियान ने साफ कर दिया है कि ईरान को कमजोर समझने वाले अपनी गलतफहमी दूर कर लें।

सरकारी टीवी पर एक इंटरव्यू के दौरान तेवर दिखाते हुए उन्होंने कहा कि 48 घंटे में सीरिया की तर्ज पर ईरान पर कब्जे की साजिश रचने वाले कान खोलकर सुन लें-‘ईरान ना कभी रुकेगा, और ना ही किसी के आगे झुकेगा

 “हमने दुश्मनों की साजिशों को चकनाचूर किया”

शुक्रवार को ईरानी सरकारी टीवी पर प्रसारित अपने साक्षात्कार में राष्ट्रपति पेज़ेशकियान ने कहा कि युद्ध से पहले उनकी सरकार बातचीत के माध्यम से सभी मसलों को सुलझाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन परिस्थितियां धीरे-धीरे संघर्ष की ओर मोड़ दी गईं:

 सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई पर बड़ा बयान

ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई की सार्वजनिक अनुपस्थिति को लेकर चल रही अटकलों पर भी राष्ट्रपति ने अपनी बात रखी:

  1. उपस्थिति सबसे बड़ी ताकत: पेज़ेशकियान ने बताया कि सुरक्षा कारणों के चलते सुप्रीम लीडर से अभी सीधे बातचीत करना बेहद कठिन है, लेकिन देश के साथ उनकी मौजूदगी ही ईरान की सबसे बड़ी ताकत है।

  2. अफवाहों का जवाब: इजरायल द्वारा खामेनेई के स्वास्थ्य और स्थिति को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं, जबकि ईरान प्रशासन इसके पीछे मुख्य रूप से सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी कारणों को वजह बता रहा है। ईरान नाम सुनकर फ्लावर समझे क्या… फायर है फायर’: राष्ट्रपति पेज़ेशकियान बोले- 48 घंटे में कब्जे की साजिश करने वाले कान खोलकर सुन लें ‘ना झुकेंगे, ना रुकेंगे

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