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‘Hang Till Death’ : Nirbhaya Case: 17 घंटे के दौरान दोषियों को लगते रहे झटके पर झटके

नई दिल्ली। निर्भया मामले में बृहस्पतिवार सुबह 10:30 बजे से शुरू हुई कानूनी प्रक्रिया शुक्रवार तड़के ठीक 3:30 बजे खत्म हुई और इसी के साथ चारों की फांसी भी तय हो गई। वहीं, सुनवाई के दौरान राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज करने को लेकर कोर्ट ने अहम टिप्पणी में कहा कि दया याचिका खारिज के आदेश पर न्यायिक समीक्षा का दायरा सीमित है। इसी के साथ सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की, कहा कि हमारी न्यायिक प्रणाली और सरकार ने देश की सभी बेटियों के लिए न्याय सुनिश्चित किया है। यह उदाहरण एक मजबूत और अक्षम्य घटना होगी।

एक घंटे की सुनवाई में SC ने खारिज की सभी याचिकाएं

निर्भया मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक घंटे की सुनवाई के बाद सभी प्रकार की याचिकाएं खारिज कर दीं। इसमें एक याचिका पवन की नाबालिग होने की थी, वह खारिज होने वाली याचिकाओं शामिल है। इसी के साथ शुक्रवार सुबह 5:30 बजे चारों दोषियों को फांसी का रास्ता भी साफ हो गया है।

कई बार दोषियों के वकील एपी सिंह को लगी फटकार

रात 2:30 बजे सुनवाई शुरू होते ही पवन के वकील ने कहा कि नाबालिग को फांसी देने का चलन कब से हुआ हमारे देश में। इसी के साथ एपी सिंह ने कई ऐसे दस्तावेज दिखाए, जिससे पवन नाबालिग साबित हो सके लेकिन सब बेकार साबित हुआ। कोर्ट ने इस पर कहा कि जो दलीलें सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी, आप उसको क्यों बता रहे हो। कोर्ट ने यह भी कहा कि आपके पास एक भी ऐसी दलील नहीं है जो सुनी जा सके, मुझे लगता है यह सुनकर टाइम खराब कर रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि फांसी में सिर्फ दो घंटे बचे है और आप बेतुकी दलील दे रहे हैं।

नाराज वकील एपी सिंह धरने पर भी बैठे

सुनवाई से पहले दोषियों के वकील एपी सिंह सुप्रीम कोर्ट के बाहर धरने पर बैठ गए। तीन से ज्यादा वकीलों को अंदर जाने की अनुमति नहीं है। इसको लेकर एपी सिंह ने हंगामा कर दिया, हालांकि बाद में समझाने पर मान गए।

HC ने रात 12 बजकर 10 मिनट पर खारिज की याचिका

बृहस्पतिवार को दिन में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के बाद आधी रात 12 बजकर 10 मिनट पर दिल्ली हाई कोर्ट ने भी निर्भया के दोषियों की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें फांसी रोक लगाने की मांग की गई थी।

HC का फैसला सुनकर भावुक हुईं निर्भया की मां

फैसला आने के बाद निर्भया की मां कोर्ट के बाहर निकलने पर रो पड़ीं। अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा कि अब 7 साल बाद जाकर उनकी बेटी को न्याय मिलने जा रहा है। इससे पहले बृहस्पतिवार को कोर्ट ने दोषियों की फांसी पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी। कोर्ट के इस फैसले के बाद शुक्रवार सुबह 5:30 बजे चारों दोषियों विनय कुमार शर्मा, पवन कुमार गुप्ता, मुकेश सिंह और अक्षय कुमार सिंह को तिहाड़ जेल संख्या-3 में फांसी दी जाएगी।

दोषियों के वकील ने की अजब टिप्पणी

कोर्ट के फैसले पर दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा कि कि इन्हें भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर भेज दो या फिर डोकलाम (भारत-चीन बॉर्डर) भेज दो, लेकिन फांसी मत दो। वे भारत-पाक या फिर चीन-भारत बॉर्डर पर देश की सेवा ही करेंगे।

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