Guru Pushya Yoga 2021। ज्योतिष विज्ञान में गुरु पुष्य योग का विशेष महत्व है। इस वर्ष यह विशेष योग 25 फरवरी 2021 को गुरु पुष्य योग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्रों में पुष्प नक्षत्र को बेहद विशेष माना गया है।
पुष्य योग को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। गुरुवार के दिन योग बनने के कारण इसे गुरु पुष्प योग कहा जाता है। ज्योतिष विज्ञान के मुताबिक गुरु पुष्य योग के दिन खरीदारी और पूजा-पाठ के लिए काफी शुभ माना जाता है।
इस दिन माघ शुक्ल पक्ष की शाम तक त्रयोदशी तिथि रहेगी उसके बाद चतुर्दशी लग जाएगी। ज्योतिषियों के मुताबिक चन्द्रमा दिन-रात कर्क राशि पर संचार करेगा। सूर्य कुंभ राशि पर रहेगा। गण्डमूल नक्षत्र के कारण 25 फरवरी के दिन का विशेष महत्व है।
भगवान विष्णु को समर्पित है ये दिन
गुरुवार का दिन पुष्य योग बन रहा है और ये दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरू पुष्प योग के दिन नई वस्तु ,जमीन, गाड़ी, स्वर्ण आभूषण आदि खरीदना शुभ माना जाता है। साथ ही व्यापार में तरक्की के लिए वैदिक विधि विधान से देवी लक्ष्मी मां की भी पूजन किया जाना चाहिए।
कब बनेगा गुरु पुष्प योग
25 फरवरी के बाद गुरु पुष्प योग दीपावली के पहले 28 अक्टूबर को पूरे दिन रहेगा और 25 नवंबर को सूर्योदय से सूर्यास्त तक ये शुभ संयोग बना रहेगा। 25 फरवरी से पहले ये पुष्य योग इसी साल की शुरुआत में 28 जनवरी को बना था।
25 फरवरी के शुभ मुहूर्त-
सर्वार्थसिद्धि योग – Feb 25 06:55 AM – Feb 25 01:17 PM
गुरू पुष्य योग – Feb 25 06:55 AM – Feb 25 01:17 PM
पुष्य योग के दिन इन बातों की रखें सावधानी
इस दिन किया गया कार्य स्थायी होता है, इसलिए इस दिन भूमि, भवन, संपत्ति, वाहन, स्वर्ण, चांदी, हीरे, जवाहरात, आभूषण आदि खरीदने से उसमें बढ़ोतरी होती है। कोई शुभ मुहूर्त न हो तो गुरु-पुष्य में सगाई, विवाह आदि मांगलिक कार्य भी किए जा सकते हैं। नवरत्न धारण करने के लिए गुरु-पुष्य का संयोग उत्तम होता है।
